prayagraj news : दारागंज स्थित नागवासुकि मंदिर के बाहर नागपंचमी पर नाग लेकर बैठे सपेंरे।
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नागवासुकि मंदिर में कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए पुजारी श्यामधर त्रिपाठी की देखरेख में सर्पबाधा, सर्पदोष से मुक्ति के लिए अनुष्ठान, महारुद्राभिषेक और महाआरती हुई। मंदिर में रात तक श्रद्धालुओं के आने का क्रम बना ही रहा लेकिन उनकी संख्या अपेक्षाकृत कम रही। श्रद्धालुओं ने मंदिर के बाहर गंगापुत्र भीष्म पितामह की लेटी हुई प्रतिमा का दर्शन करके उन्हें भी पुष्पांजलि दी। वहीं दरियाबाद स्थित तक्षकतीर्थ में पीठाधीश्वर रविशंकर जी महाराज की देखरेख में तक्षकेश्वरके पूजन के बाद महारुद्राभिषेक किया गया। विषबाधा मुक्ति तथा कालसर्प दोष निवारण के लिए विशेष पूजा-अनुष्ठान हुए। शाम को चांदी के आभूषणों, फूलों और कौड़ियों से तक्षकेश्वर का अनुपम शृंगार किया गया।
prayagraj news : सिविल लाइंस स्थित हनुमान मंदिर में नागपंचमी पर जलाभिषेक करती युवतियां।
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अतरसुइया स्थित सिद्धपीठ शनिधाम में पीठाधीश्वर परागजी महाराज की देखरेख में नागरानी मंसा देवी का विशेष पूजन और शृंगार करते हुए उन्हें सुहाग की सामग्री चढ़ाई गई। भैरव बाबा को भी पंचामृत स्नान कराया गया। नागतीर्थों के अतिरिक्त मनकामेश्वर मंदिर, मठ बाघंबरी गद्दी, बक्शी बांध स्थित नागेश्वर मंदिर, शिवकोटि, सिविल लाइंस हनुमत निकेतन के शिव मंदिर, दरवेश्वर महादेव, ललिता पीठ के पारदेश्वर महादेव सहित अन्य शिव मंदिरों में भी श्रद्धालु अभिषेक, पूजन, शृंगार दर्शन को जुटे। नागपंचमी को पिटारी में नाग-नागिन लिए सपेरे भी नागतीर्थों के अतिरिक्त मोहल्ले-मोहल्ले जाकर नागदर्शन कराते रहे। तमाम श्रद्धालुओं ने सपेरों की बस्ती में जाकर सांपों को पिटारे से मुक्त करके पुण्यार्जन किया।