कुल छह गोलियां मारी थीं
पुलिस अफसरों के मुताबिक, पूछताछ में यह बात सामने आई है कि हत्यारोपियों ने बृजेश को कुल छह गोलियां मारी थीं। वारदात को अंजाम देने में दीपू शर्मा उर्फ प्रदीप कुमार, उसका सगा भाई ज्ञानू शर्मा, मौसेरे भाई जीतेंद्र शर्मा व चचेरे भाई अरविंद शर्मा शामिल थे। जबकि तीन अन्य अभियुक्तों में शामिल उसके ही एक अन्य भाई संदीप शर्मा व पिता सिद्धनाथ शर्मा के अलावा गजराज सिंह पटेल ने उनका सहयोग किया था।
12 मार्च को हुआ था विवाद
एसपी यमुनापार सौरभ दीक्षित ने बताया कि मुख्य आरोपी दीपू शर्मा सपा का समर्थक है जबकि मृतक पक्ष भाजपा से जुड़ा था। 12 मार्च को भाजपा की जीत पर पटाखे बजाने पर बृजेश का विवाद दीपू से हुआ था। इसके अलावा दोनों प्लाटिंग का काम करते थे और इसे लेकर उनमें व्यवसायिक प्रतिद्वंदिता भी थी। जितेंद्र व उसके पिता को बृजेश ने पूर्व में पीटा था, इसे लेकर वह खुन्नस रखता था।