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नगर निगम: सफाई, सड़क, नाली, गली, नाला निर्माण पर 200 करोड़ से अधिक होगा खर्च

Fri, 11 Jun 2021 12:05 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

  •  नगर निगम की विशेष बजट बैठक 2021-22 के लिए 8.7 अरब का आय-व्ययक बजट पास
  •  सदन में कर्मशाला, यूजर चार्ज, नमामि गंगे योजना, निर्माण सहित कई मुद्दों पर पार्षदों ने की चर्चा
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नगर निगम में पार्षदों संग बृहस्पतिवार को बैठक करती महापौर। - फोटो : prayagraj
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विस्तार
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नगर निगम की बृहस्पतिवार को विशेष बजट बैठक में वर्ष 2021-22 के लिए 8.7 अरब का आय-व्ययक बजट तीखी बहस और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित किया गया। पार्षदों ने सदन में बजट चर्चा के दौरान कर्मशाला में वाहन-उपकरणों की मरम्मत, यूजर चार्ज, नमामि गंगे योजना, निर्माण कार्यों पर प्रस्तावित व्यय धनराशि पर चर्चा की। स्ट्रीट लाइट, नाला सफाई समेत अन्य मुद्दों पर शहरियों को राहत देने की बात पर सहमति बनाई गई। अध्यक्षता करते हुए महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने पार्षदों की सहमति से बजट ध्वनिमत से पारित करने की घोषणा की तो पार्षदों ने मेज थपथपा कर हर्ष जताया।

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सदन को 12 बजे कोरम पूरा होने की जानकारी देते हुए अध्यक्ष महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने बजट के व्यय पर चर्चा करने की अनुमति दी। कार्यकारिणी उपाध्यक्ष अखिलेश सिंह के साथ मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी (सीएफओ) निशांत उपाध्याय ने बारी-बारी से मदवार प्रस्तवित बजट की संस्तुतियों को पढ़ा। बजट में सफाई के साथ कर्मचारियों के वेतन,भत्तों के भुगतान के मद में करीब 200 करोड़ का व्यय प्रस्तावित है। वहीं एनजीटी के निर्देश पर गंगा-यमुना के घाटों की सफाई की भी व्यवस्था की गई है। इस मद में 25 लाख रुपये व्यय किए जाएंगे।

बुधवार की अपेक्षा बृहस्पतिवार को बजट बैठक में कुछ मुद्दों पर तीखी बहस हुई। भाजपा और विपक्षी पार्षद एक-दूसरे की बात की काट अपने तर्कों और नियमों का हवाला देकर करते रहे। शहर के 80 वार्डों के साथ सीमा विस्तार में शामिल क्षेत्रों में सफाई, स्ट्रीट लाइट, सड़क, नाली, गली, नाला निर्माण के प्रस्तावों पर कुछ पार्षदों ने सवाल उठाए। महापौर ने कहा कि कार्यकारिणी ने सफाई और विकास कार्यों के मद में बड़ी धनराशि व्यय करने का प्रस्ताव दिया। पहली बार बजट में धनराशि प्रावधान कर काम कराने की कार्रवाई शुरू की गई है। विकास कार्यों को वार्डवार बिना भेदभाव कराया जा रहा है। पार्षदों के प्रस्तावों को तरजीह दी गई है।
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नगर आयुक्त रवि रंजन ने सदन को जानकारी दी कि शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था हाईटेक होगी। स्मार्ट सिटी योजना से इसको जोड़ते हुए निगरानी कंट्रोल कमांड सेंटर से की जाएगी। स्वचालित व्यवस्था के तहत लाइटें जलाने और बुझाने की व्यवस्था होगी। महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने जानकारी दी कि नगर निगम एलईडी की खरीद कर रहा है, जिसे जोनवार वितरित कर स्थापित कराने की तैयारी है। उन्होंने बताया कि ईएसएसएल के भुगतान की भी बजट में व्यवस्था की गई है। पार्षद ओपी द्विवेदी ने वेंडिंग जोन स्थापना का प्रश्न उठाया। कहाकि बिना बसाए गरीबों को न उजाड़ा जाए। पार्षद रतन दीक्षित ने स्मार्ट सिटी के कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता की जांच कराने की मांग उठाई। 

पार्षद कमलेश सिंह, कुसुमलता, नीलम यादव आदि ने अलाव के लिए लकड़ी बैंक बनाने का सुझाव दिया। कहा कि पहले लकड़ी खरीदी जाए, जो पेड़ काटे जाएं ुनकी लकड़ी बैंक में रखी जाए ताकी गीली लकड़ी से अलाव न जलने की शिकायतें दूर हो सकें। बजट बैठक में पार्षदों के सवालों का नगर आयुक्त रविरंजन, सचिव परिषद पीके मिश्रा, अपर नगर आयुक्त मुशीर अहमद, मुख्य अभियंता सतीश कुमार, पर्यावरण अभियंता उत्तम वर्मा ने साक्ष्यों सहित जवाब दिए। बैठक में जोनल अधिकारी संजय ममगई, गौरव रंजन, नीरज सिंह, रविंद्र सिंह, अरविंद त्रिपाठी समेत अन्य अफसर मौजूद रहे।

कर निर्धारण में गड़बड़ी पर दी सफाई, आरोप खारिज

सदन की कार्रवाई शुरु होते ही सचिव परिषद और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके मिश्रा ने बुधवार को शुआट्स सहित दो अन्य संस्थानों के कर निर्धारण में गड़बड़ी के आरोपों पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गलत माप से ज्यादा कर आरोपित किया गया था। सुआट्स प्रबंधन ने इसकी शिकायत कमिश्नर से की और आरोप लगाया था कि कृषि योग्य भूमि को भी कर के दायरे में शामिल किया गया है। तीन सदस्यीय कमेटी की जांच और पुन: पैमाइश के बाद कर में बदलाव किया गया। सदन के  पटल पर उन्होंने संबंधित फाइलें और अभिलेख प्रस्तुत किए। 

कर्मशाला में शोपीस बने रोबोट, जेसीबी, मरम्मत खर्च तीन करोड़

नगर निगम की विशेष बजट बैठक में वाहनों और उपकरणों की मरम्मत मद में तीन करोड़ की धनरािश खर्च करने के प्रस्ताव पर पार्षद अकीलुर्रहमान ने सवाल खड़े किए। इस पर अन्य पार्षदों ने भी नगर निगम कर्मशाला में व्यापक स्तर पर गड़बड़ी के आरोप लगाए। अकील ने कहा कि कुंभ के मौके पर करोड़ों की लागत से चार रोबोट, चार जेसीबी की खरीद की गई। वाहन, उपकरण इस्तेमाल ही नहीं किए गए तो इनकी मरम्मत पर तीन करोड़ कैसे खर्च किए जाएंगे। आरोप लगाया गया कि मरम्मत के नाम पर बड़ी गड़बड़ी की तैयारी है। जबकि खरीद के बाद गारंटी, वारंटी और वार्षिक रखरखाव के अनुबंध करने की व्यवस्था है। पार्षदों ने कहा कि रोड स्वीपिंग मशीनें एयरपोर्ट पर बनी लाउंच जहां टाइल्स लगी होती हैं, वहां लगाई जाती हैं। शहर की सड़कों पर इन वाहनों की उपयोगिता ही नहीं है। यह जनता के धन का दुरुपयोग है, बिना योजना बनाए और परीक्षण बगैर स्वीपिंग  मशीनें खरीदी गई हैं। महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी के निर्देश पर मुख्य अभियंता ने पार्षदों को जवाब देकर संतुष्ट करने का प्रयास किया लेकिन शोर शराबे के बीच पार्षद तीन करोड़ के व्यय पर सहमत नहीं हुए। नगर आयुक्त रविरंजन ने कहा कि वह पूरे मामले की जांच कराएंगे।

फाफामऊ, करेलाबाग, छतनाग, अरैल, कन्हईपुर, महेवा में विद्युत शवदाह गृह निर्माण पर सहमति, टेंडर जारी
कोरोना संक्रमण काल में अंतेष्टि संस्कार में हुई दिक्कतों के मद्देनजर शहर में छह विद्युत शवदाह गृह निर्माण के प्रस्ताव के  बारे में सदन को जानकारी दी गई। महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने बताया कि फाफामऊ, करेलाबाग, छतनाग, अरैल, कन्हईपुर, महेवा में शवदाह गृह निर्माण के लिए भूमि चयन का काम कर लिया गया है। अब टेंडर प्रक्रिया शुरू हुई है। इसी वित्तीय वर्ष में ये शवदाह गृह काम करने लगेंगे। इससे अंतिम संस्कार कराने वालों को सहूलियत होगी। इस मद में धन की व्यवस्था कर दी गई है। संचालन नगर निगम करेगा। स्वयंसेवी संस्थाओं को भी मौका दिया जा सकता है। 

नाला सफाई में ढिलाई, पार्षद नाराज, पांच नहीं अब आठ करोड़ होगा खर्च

सदन में बजट पर चर्चा के दौरान पार्षदों ने नाला सफाई में लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि सफाई के नाम पर खानापूरी की जा रही है। बड़े नाले सिल्ट और गंदगी से चोक हैं जबकि बारिश शुरू हो गई है। इस मुद्दे पर पक्ष-विपक्ष के पार्षदों ने एकजुट होकर शोर मचाया। महापौर के निर्देश पर इस मुद्दे पर चीफ इंजीनियर सतीश कुमार ने सफाई दी। उन्होंने बताया कि 165 छोटे नाले साफ करा दिए गए हैं। कुछ बड़े नालों की सफाई का काम जारी है, जो एक सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा।

नमामि गंगे योजना के काम पर सवाल, शवों का निस्तारण छोड़िए सफाई तक नहीं कराई

नगर निगम सदन की बैठक में नमामि गंगे परियोजना के तहत कार्यक्रमों और कार्यों पर नामित पार्षद राजेश निषाद ने सवाल उठाए। आरोप लगाए कि अधिकारी फोटो खिंचाने तक सीमित हैं। पार्षद मुकुंद तिवारी ने घाटों के किनारे दफन किए गए शवों के अंतिम संस्कार, सफाई में अफसरों की लापरवाही साफ दिख रही है। निगरानी समिति के पार्षद कमलेश तिवारी ने शव प्रवाहित करने से रोकने के दौरान कहीं भी नमामि गंगे योजना के तहत मदद न मिलने की शिकायत की। नगर आयुक्त ने निर्देश दिए कि सिंचाई विभाग, राजस्व, नगर निगम की समन्वय समिति मामले का निस्तारण करेगी। वहीं पर्यावरण अभियंता उत्तम वर्मा और जोनल संजय ममगई ने बताया कि कटान रोकना नगर निगम का काम नहीं है। नगर निगम योजना के तहत 21 घाटों की सफाई करा रहा है। पार्षद साहिल अरोरा ने घाटों के नीचे गंदगी फैली होने और कभी सफाई न होने की शिकायत की तो महापौर ने कार्रवाई के निर्देश दिए।

मूल आय-व्ययक बजट वर्ष 2021-2022

प्रारंभिक अवशेष (अनुमानित)-------------64.00,00,000.00

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वर्ष की कुल अनुमानित आय---------------8,31.79,12,000.00

प्रारंभिक अवशेष सहित वर्ष की कुल

अनुमानित आय-------------------------8,95.79,12,000.00
वर्ष का कुल अनुमानित व्यय--------------8,95.77,56,000.00
वर्ष के अंत में कुल संभावित अवशेष--------1,56,000.00

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