नगर निगम की बृहस्पतिवार को विशेष बजट बैठक में वर्ष 2021-22 के लिए 8.7 अरब का आय-व्ययक बजट तीखी बहस और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित किया गया। पार्षदों ने सदन में बजट चर्चा के दौरान कर्मशाला में वाहन-उपकरणों की मरम्मत, यूजर चार्ज, नमामि गंगे योजना, निर्माण कार्यों पर प्रस्तावित व्यय धनराशि पर चर्चा की। स्ट्रीट लाइट, नाला सफाई समेत अन्य मुद्दों पर शहरियों को राहत देने की बात पर सहमति बनाई गई। अध्यक्षता करते हुए महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने पार्षदों की सहमति से बजट ध्वनिमत से पारित करने की घोषणा की तो पार्षदों ने मेज थपथपा कर हर्ष जताया।
सदन की कार्रवाई शुरु होते ही सचिव परिषद और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके मिश्रा ने बुधवार को शुआट्स सहित दो अन्य संस्थानों के कर निर्धारण में गड़बड़ी के आरोपों पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गलत माप से ज्यादा कर आरोपित किया गया था। सुआट्स प्रबंधन ने इसकी शिकायत कमिश्नर से की और आरोप लगाया था कि कृषि योग्य भूमि को भी कर के दायरे में शामिल किया गया है। तीन सदस्यीय कमेटी की जांच और पुन: पैमाइश के बाद कर में बदलाव किया गया। सदन के पटल पर उन्होंने संबंधित फाइलें और अभिलेख प्रस्तुत किए।
नगर निगम की विशेष बजट बैठक में वाहनों और उपकरणों की मरम्मत मद में तीन करोड़ की धनरािश खर्च करने के प्रस्ताव पर पार्षद अकीलुर्रहमान ने सवाल खड़े किए। इस पर अन्य पार्षदों ने भी नगर निगम कर्मशाला में व्यापक स्तर पर गड़बड़ी के आरोप लगाए। अकील ने कहा कि कुंभ के मौके पर करोड़ों की लागत से चार रोबोट, चार जेसीबी की खरीद की गई। वाहन, उपकरण इस्तेमाल ही नहीं किए गए तो इनकी मरम्मत पर तीन करोड़ कैसे खर्च किए जाएंगे। आरोप लगाया गया कि मरम्मत के नाम पर बड़ी गड़बड़ी की तैयारी है। जबकि खरीद के बाद गारंटी, वारंटी और वार्षिक रखरखाव के अनुबंध करने की व्यवस्था है। पार्षदों ने कहा कि रोड स्वीपिंग मशीनें एयरपोर्ट पर बनी लाउंच जहां टाइल्स लगी होती हैं, वहां लगाई जाती हैं। शहर की सड़कों पर इन वाहनों की उपयोगिता ही नहीं है। यह जनता के धन का दुरुपयोग है, बिना योजना बनाए और परीक्षण बगैर स्वीपिंग मशीनें खरीदी गई हैं। महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी के निर्देश पर मुख्य अभियंता ने पार्षदों को जवाब देकर संतुष्ट करने का प्रयास किया लेकिन शोर शराबे के बीच पार्षद तीन करोड़ के व्यय पर सहमत नहीं हुए। नगर आयुक्त रविरंजन ने कहा कि वह पूरे मामले की जांच कराएंगे।
फाफामऊ, करेलाबाग, छतनाग, अरैल, कन्हईपुर, महेवा में विद्युत शवदाह गृह निर्माण पर सहमति, टेंडर जारी
कोरोना संक्रमण काल में अंतेष्टि संस्कार में हुई दिक्कतों के मद्देनजर शहर में छह विद्युत शवदाह गृह निर्माण के प्रस्ताव के बारे में सदन को जानकारी दी गई। महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने बताया कि फाफामऊ, करेलाबाग, छतनाग, अरैल, कन्हईपुर, महेवा में शवदाह गृह निर्माण के लिए भूमि चयन का काम कर लिया गया है। अब टेंडर प्रक्रिया शुरू हुई है। इसी वित्तीय वर्ष में ये शवदाह गृह काम करने लगेंगे। इससे अंतिम संस्कार कराने वालों को सहूलियत होगी। इस मद में धन की व्यवस्था कर दी गई है। संचालन नगर निगम करेगा। स्वयंसेवी संस्थाओं को भी मौका दिया जा सकता है।
सदन में बजट पर चर्चा के दौरान पार्षदों ने नाला सफाई में लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि सफाई के नाम पर खानापूरी की जा रही है। बड़े नाले सिल्ट और गंदगी से चोक हैं जबकि बारिश शुरू हो गई है। इस मुद्दे पर पक्ष-विपक्ष के पार्षदों ने एकजुट होकर शोर मचाया। महापौर के निर्देश पर इस मुद्दे पर चीफ इंजीनियर सतीश कुमार ने सफाई दी। उन्होंने बताया कि 165 छोटे नाले साफ करा दिए गए हैं। कुछ बड़े नालों की सफाई का काम जारी है, जो एक सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा।
नगर निगम सदन की बैठक में नमामि गंगे परियोजना के तहत कार्यक्रमों और कार्यों पर नामित पार्षद राजेश निषाद ने सवाल उठाए। आरोप लगाए कि अधिकारी फोटो खिंचाने तक सीमित हैं। पार्षद मुकुंद तिवारी ने घाटों के किनारे दफन किए गए शवों के अंतिम संस्कार, सफाई में अफसरों की लापरवाही साफ दिख रही है। निगरानी समिति के पार्षद कमलेश तिवारी ने शव प्रवाहित करने से रोकने के दौरान कहीं भी नमामि गंगे योजना के तहत मदद न मिलने की शिकायत की। नगर आयुक्त ने निर्देश दिए कि सिंचाई विभाग, राजस्व, नगर निगम की समन्वय समिति मामले का निस्तारण करेगी। वहीं पर्यावरण अभियंता उत्तम वर्मा और जोनल संजय ममगई ने बताया कि कटान रोकना नगर निगम का काम नहीं है। नगर निगम योजना के तहत 21 घाटों की सफाई करा रहा है। पार्षद साहिल अरोरा ने घाटों के नीचे गंदगी फैली होने और कभी सफाई न होने की शिकायत की तो महापौर ने कार्रवाई के निर्देश दिए।
प्रारंभिक अवशेष (अनुमानित)-------------64.00,00,000.00
अनुमानित आय-------------------------8,95.79,12,000.00
वर्ष का कुल अनुमानित व्यय--------------8,95.77,56,000.00
वर्ष के अंत में कुल संभावित अवशेष--------1,56,000.00