नगर निगम ने एक लड़की को प्रमाणपत्र में लड़का बना दिया। इसकी वजह से उसका नौवीं में दाखिला नहीं हो पा रहा है। इतना ही नहीं, पिता का भी नाम जन्म प्रमाणपत्र में गलत लिखा है। तीन महीने से जोनल कार्यालय व नगर निगम मुख्यालय का चक्कर लगाने के बाद भी जेंडर सही नहीं किया गया जबकि घरवालों ने समाचार पत्र में गजट भी करा दिया है।
मंगलवार को लड़की की चचेरी बहन अधिवक्ता फरजाना खान निगम की जनसुनवाई में शिकायत लेकर पहुंचीं तो मामला सामने आया। उन्होंने बताया कि तेलियरगंज सदियाबाद निवासी असद रफीक के यहां 2011 में बेटी का जन्म हुआ जिसका नाम अफजा असद रखा गया। 10 जुलाई 2014 में अफजा का जन्म प्रमाणपत्र नगर निगम के जोनल कार्यालय तीन से बनाया गया।
इसमें अफजा का जेंडर बदलकर लड़की की जगह लड़का कर दिया गया। इसके अलावा पिता का नाम भी असद रफीक की जगह अफजद रफीक कर दिया गया। जब विद्यालय ने लड़की का नौवीं में दाखिला लेने से मना कर दिया, तब इस गलती का खुलासा हुआ। क्योंकि, लड़की के माता-पिता पढ़े-लिखे नहीं हैं। पिता पेंटिंग का काम करते हैं। इसके बाद अगस्त से घरवाले जोनल कार्यालय व नगर निगम मुख्यालय का चक्कर काट रहे हैं पर सुधार नहीं हो रहा है। फरजाना ने बताया कि जन्म प्रमाणपत्र के लिए जमा किए गए प्रपत्र में पिता का आधार व अन्य सभी दस्तावेज लगाए गए हैं। वहीं, अपर नगर आयुक्त दीपेंद्र कुमार यादव ने जोनल अधिकारी को मामले की जांच करके त्रुटि सुधारने का निर्देश दिया है। जनसुनवाई के दौरान 33 शिकायतें सुनी गईं।
टीसी में भी जन्मतिथि गलत
विद्यालय ने भी इस त्रुटि पर ध्यान नहीं दिया। छात्रा एक से आठवीं तक पढ़ती रही। टीसी जारी करते समय विद्यालय ने बच्ची की जन्मतिथि 2011 की जगह 2012 कर दी। हालांकि, परिजनों की आपत्ति पर जन्मतिथि बाद में सुधारी गई।