जिले में सैकड़ों शत्रु संपत्तियां हैं। 120 संपत्तियों का विवरण विभाग के पोर्टल पर दर्ज है। इसी क्रम में गृह मंत्रालय की टीम ने पांच दिन रहकर इन संपत्तियों को मौके पर जाकर देखा। इस दौरान उन्हें 19 अन्य शत्रु संपत्तियां मिलीं। इसके अलावा 65 अन्य संपत्तियों को लेकर शिकायतें की गई हैं।
भारत सरकार की टीम ने नगर निगम के अफसरों संग बैठक में शत्रु संपत्तियों का विवरण मांगा। टीम की ओर से सात संपत्तियों का विवरण उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा विस्तारित क्षेत्र में भी कई संपत्तियां चिह्नित की गई हैं, जिनके विवरण मांगे गए हैं। तीन दिसंबर को टीम फिर आएगी और शत्रु संपत्तियों के कागजात खंगालेगी। इसके बाद पहले से चिह्नित 120 संपत्तियों की नीलामी की प्रक्रिया भी शुरू होने की उम्मीद है।
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जिले में सैकड़ों शत्रु संपत्तियां हैं। 120 संपत्तियों का विवरण विभाग के पोर्टल पर दर्ज है। इसी क्रम में गृह मंत्रालय की टीम ने पांच दिन रहकर इन संपत्तियों को मौके पर जाकर देखा। इस दौरान उन्हें 19 अन्य शत्रु संपत्तियां मिलीं। इसके अलावा 65 अन्य संपत्तियों को लेकर शिकायतें की गई हैं।
इसी क्रम में टीम ने बुधवार को नगर निगम के दस्तावेज में दर्ज सात संपत्तियों का विवरण मांगा। टीम ने पीडीए से शत्रु संपत्तियों पर बनी कॉलोनियों तथा पार्कों का विवरण भी मांगा। बैठक और पहले चरण के सर्वे के बाद टीम बुधवार को रवाना हो गई। अब तीन दिसंबर को टीम के आने की उम्मीद है। इसके बाद चार दिसंबर को सभी संपत्तियों के दस्तावेज खंगाले जाएंगे। इसी क्रम में नई चिह्नित संपत्तियों का भी निरीक्षण किया जाएगा।
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अफसरों के अनुसार 120 संपत्तियों का विवरण पोर्टल पर दर्ज है। इन पर अवैध कब्जा भी नहीं है, जिन पर कब्जा था उन्हें खाली करा लिया गया है। ऐसे में दिसंबर के पहले सप्ताह में ही इन संपत्तियों की नीलामी की तैयारी है।