समर्थन मूल्य पर धान खरीद नीति के तहत सहकारी समितियों को 50 लाख रुपये का अपने नाम एस्क्रो एकाउंट खोलने की अनिवार्यता को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार व उ प्र प्राविंशियल कोआपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड से जानकारी मांगी है। याचिका की अगली सुनवाई 20 जनवरी को होगी। प्रक्रियात्मक एवं विपणन सहकारी समिति लि ब्लाक हाता, कुशीनगर की याचिका पर न्यायमूर्ति एम सी त्रिपाठी तथा न्यायमूर्ति एस के पचौरी की खंडपीठ सुनवाई कर रही है।
याचिका में कहा गया है कि फेडरेशन के प्रबंध निदेशक कुशीनगर के निर्देश पर जिला प्रबंधक ने याची सोसायटी को खाता खोलने का आदेश दिया है। यह खाता किसानों का भुगतान सुनिश्विचत करने के लिए अनिवार्य किया गया है। बिना खाता खोले धान की खरीद व बिक्री नहीं की जा सकती है। याची सोसाइटी ने इसे मनमानापूर्ण मानते हुए रद्द करने की मांग की है।
याची का कहना है कि सोसायटी धान, गेहू की खरीद फरोख्त के लिए पंजीकृत है।इस वर्ष सरकारी खरीद नीति से सोसायटी को जबरन 50 लाख रुपये का अपने नाम से एस्क्रो एकाउंट खोलने के लिए बाध्य किया जा रहा है। याची छोटी सोसायटी है।इस शर्त से बड़ी समितियां ही धान खरीद सकेगी और याची जैसी छोटी समितियों को खत्म होना पड़ेगा।इसलिए मनमानी शर्त थोपने के आदेश को रद्द किया जाए।