चंदौली के पूर्व सांसद रामकिशन यादव ने स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए में मंगलवार को आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने दोपहर बाद उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया, मगर शर्त जोड़ दी है कि वह सभी तारीखों पर न्यायालय में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा गवाहों पर अनुचित दबाव नहीं डालेंगे और मुकदमे की कार्यवाही में सहयोग करेंगे।
यह आदेश विशेष न्यायाधीश डॉ. दिनेश चंद्र शुक्ल ने आरोपी रामकिशुन यादव की जमानत अर्जी पर उनके अधिवक्ता विनय कुमार सिंह एवं सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी के तर्कों को सुन कर दिया। प्रकरण चंदौली जनपद के मुगलसराय थाने का है।
उप निरीक्षक जय लाल ने 28 जून 2011 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 9 बजे उसे सूचना मिली थी कि वन विभाग द्वारा कोयला खनिज किए जाने वाले वाहनों से शासनादेश के अनुपालन में बढ़ी हुई शुल्क दरों की वसूली का विरोध हो रहा है। व्यापारी कुछ राजनीतिक पार्टियों के नेताओं को बुलाकर धर्म कांटा के सामने मीटिंग कर रहे हैं।
जब वहां पहुंचा तो देखा, तीन चार सौ लोगों की भीड़ के बीच में लाउडस्पीकर से कोयले की गाड़ियों से बढ़ी हुई दरों की वसूली के बारे में वन विभाग और शासन की आलोचना की जा रही थी। भीड़ को जाम लगाने के लिए उकसाया जा रहा था। राजा प्रताप सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष चंदौली व कोयला मंडी के लोगों ने भीड़ को इस मुद्दे पर संबोधित किया। इन लोगों के उकसाने पर सभी लोगों ने जीटी रोड पर जाम लगाकर आवागमन अवरुद्ध कर दिया था।