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केंद्रीय विद्यालय में सांसद कोटा : ढाई हजार से ज्यादा लोगों का सपना रह गया अधूरा

Sat, 16 Apr 2022 11:31 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

दो दिन पहले ही केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) ने सांसदों सहित केंद्रीय विद्यालयों में दाखिले से जुड़ी सभी 17 श्रेणियों के विशेष कोटे में रोक लगा दी है। हालांकि यह रोक अभी अस्थायी रूप से लगाई गई है, लेकिन माना यही जा रहा है कि अब यह शायद ही बहाल हो सके।
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केंद्रीय विद्यालय दाखिले - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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केंद्रीय विद्यालय में प्रवेश के लिए सांसदों द्वारा कोटा रोक दिए जाने की वजह से उन लोगों को ज्यादा झटका लगा है, जिन्होंने अपने पुत्र या पुत्री के दाखिले के लिए सांसद कोटे के तहत आवेदन कर रखा था। प्रयागराज में फूलपुर की सांसद केशरी देवी पटेल और इलाहाबाद की सांसद डॉ. रीता बहुगुणा जोशी के पास इस बार ढाई हजार से ज्यादा आवेदन आए थे।

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दरअसल दो दिन पहले ही केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) ने सांसदों सहित केंद्रीय विद्यालयों में दाखिले से जुड़ी सभी 17 श्रेणियों के विशेष कोटे में रोक लगा दी है। हालांकि यह रोक अभी अस्थायी रूप से लगाई गई है, लेकिन माना यही जा रहा है कि अब यह शायद ही बहाल हो सके।


केवीएस की इस रोक के बाद वर्तमान शैक्षणिक सत्र में जिन लोगों ने अपने पाल्यों के लिए सांसदों के समक्ष आवेदन कर रखा है वे खासे निराश हैं। इससे पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी पिछले वर्ष केंद्रीय विद्यालयों में दाखिले के अपने कोेटे को खत्म कर दिया था। उनके माध्यम से भी पूर्व में हजारों बच्चों का दाखिला केंद्रीय विद्यालय में होता रहा है। मौजूदा समय में प्रत्येक सांसद किन्हीं भी दस बच्चों का किसी भी कक्षा में अपने विशेष कोटे से दाखिला दिला सकते हैं।

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सांसदों के पास हर वर्ष आते हैं काफी संख्या में आवेदन
इस वजह से यहां की दोनों सांसद के पास हर वर्ष काफी संख्या में आवेदन आते रहे हैं। वर्तमान सत्र की बात करें तो सांसद फूलपुर केशरी देवी पटेल के पास तकरीबन 2200 और सांसद इलाहाबाद डा. रीता बहुगुणा जोशी के पास केंद्रीय विद्यालय में दाखिले के लिए 247 आवेदन आए। अब जब सांसद कोटा रोक दिया गया है तो उसके तहत आवेदन करने वाले लोग निराश है।


राजरूपपुर के विनय कुमार ओझा ने अपने पुत्र संस्कार ओझा के लिए सांसद केशरी देवी के यहां आवेदन कर रखा था, अब केवीएस से लगी रोक के बाद वह खासे परेशान है। इसी तरह झूंसी के आशुतोष ने भी अपने बेेटे के लिए सांसद कोटे के तहत आवेदन किया, उन्हें उम्मीद थी कि उनका बेटे का दाखिला इस वर्ष हो जाएगा, लेकिन अब वे भी निराश हैं।
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लोकसभा में कहा गया था,  कोटा बढ़ाओ या खत्म करो
इस बारे में सांसद डा. रीता बहुगुणा जोशी का कहना है कि वह इस निर्णय से न ही खुश हैं और न ही दुखी हैं। कहा कि अधिकांश सांसद यही मांग कर रहे थे कि केंद्रीय विद्यालय में कोटा या तो बढ़ाया जाए या फिर पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाए। सांसद केशरी देवी पटेल ने कहा कि यह बात सही है कि केंद्रीय विद्यालय में दाखिले के लिए संसदीय क्षेत्र से काफी लोग आवेदन करते हैं।


हमारे सामने भी समस्या रहती है कि इसमें से दस लोग कैसे छांटे जाएं। पहले कोटे के अलावा  शिक्षा मंत्री के माध्यम से कुछ दाखिले करवा लिए जाते थे, लेकिन उनका कोटा भी पिछले वर्ष समाप्त हो गया। लोकसभा में कुछ सांसदों ने कोटा की संख्या 50 तक करने की मांग उठाई थी। अभी इस कोटे को रोका गया है, देखते हैं कि आगे क्या निर्णय होता है। 
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