सांसदों के पास हर वर्ष आते हैं काफी संख्या में आवेदन
इस वजह से यहां की दोनों सांसद के पास हर वर्ष काफी संख्या में आवेदन आते रहे हैं। वर्तमान सत्र की बात करें तो सांसद फूलपुर केशरी देवी पटेल के पास तकरीबन 2200 और सांसद इलाहाबाद डा. रीता बहुगुणा जोशी के पास केंद्रीय विद्यालय में दाखिले के लिए 247 आवेदन आए। अब जब सांसद कोटा रोक दिया गया है तो उसके तहत आवेदन करने वाले लोग निराश है।
राजरूपपुर के विनय कुमार ओझा ने अपने पुत्र संस्कार ओझा के लिए सांसद केशरी देवी के यहां आवेदन कर रखा था, अब केवीएस से लगी रोक के बाद वह खासे परेशान है। इसी तरह झूंसी के आशुतोष ने भी अपने बेेटे के लिए सांसद कोटे के तहत आवेदन किया, उन्हें उम्मीद थी कि उनका बेटे का दाखिला इस वर्ष हो जाएगा, लेकिन अब वे भी निराश हैं।
लोकसभा में कहा गया था, कोटा बढ़ाओ या खत्म करो
इस बारे में सांसद डा. रीता बहुगुणा जोशी का कहना है कि वह इस निर्णय से न ही खुश हैं और न ही दुखी हैं। कहा कि अधिकांश सांसद यही मांग कर रहे थे कि केंद्रीय विद्यालय में कोटा या तो बढ़ाया जाए या फिर पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाए। सांसद केशरी देवी पटेल ने कहा कि यह बात सही है कि केंद्रीय विद्यालय में दाखिले के लिए संसदीय क्षेत्र से काफी लोग आवेदन करते हैं।
हमारे सामने भी समस्या रहती है कि इसमें से दस लोग कैसे छांटे जाएं। पहले कोटे के अलावा शिक्षा मंत्री के माध्यम से कुछ दाखिले करवा लिए जाते थे, लेकिन उनका कोटा भी पिछले वर्ष समाप्त हो गया। लोकसभा में कुछ सांसदों ने कोटा की संख्या 50 तक करने की मांग उठाई थी। अभी इस कोटे को रोका गया है, देखते हैं कि आगे क्या निर्णय होता है।