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आधी रात जनरथ बस में 10 दिन की मासूम को छोड़कर उतर गई मां

Sun, 31 Jan 2021 01:27 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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prayagraj news : सिविल लाइंस रोडवेड पर जनरथ बस में लावारिस मिली बच्ची। - फोटो : prayagraj
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मेरी क्या गलती थी मां, मुझे तो दुनिया में आए चंद दिन ही हुए, अभी तो मैंने तुम्हारी गोद के अलावा कुछ देखा ही नहीं? ऐसे में क्या गुनाह हुआ जो तुम पत्थर हो गई, कड़कती ठंड में मुझे लावारिस हाल में छोड़ दिया? यह वह सवाल हैं जो 10 दिन के उस दुधमुंहे की निगाहें सभी से पूछ रही थीं जो रोडवेज बस में लावारिस हाल में मिला। जिसने भी इसे देखा, बस यही सवाल पूछता रहा कि आखिर कैसे कोई मां अपने कलेजे के टुकड़े को इस तरह छोड़ सकती है। 
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घटना शुक्रवार रात सिविल लाइंस स्थित रोडवेज बस अड्डे की है। यहां रोडवेज की जनरथ एसी बस में 10 दिन का मासूम लावारिस हाल में पड़ा मिला। कानपुर के किदवईनगर डिपो की बस शुक्रवार शाम गाजीपुर से चलकर रात दो बजे के करीब सिविल लाइंस बस अड्डे पर पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ देर बाद 30 वर्षीय महिला दुधमुंहे बच्चे के साथ बस में चढ़ी। उसके साथ एक 40-50 वर्षीय पुरुष भी था। दोनों बच्चे को लेकर एक सीट पर बैठ गए। जैसे ही बस चलने को हुई, महिला नीचे उतर गई। आसपास बैठे यात्रियों ने सोचा कि शायद कोई सामान लेने गई होगी। कुछ देर बाद महिला के साथ आया पुरुष भी बस से नीचे उतर गया। बस चलने को हुई तो यात्रियों ने ड्राइवर को बस की सीट पर बच्चा लावारिस पड़ा होने  की जानकारी दी।

ड्राइवर व कंडक्टर ने घंटों तलाश करने के बाद बस अड्डे पर एनाउंसमेंट भी कराया लेकिन कुछ पता नहीं चला। काफी देर बाद भी कुछ पता नहीं चलने पर लोगों ने सूचना दी तो पहले डायल 112 और फिर सिविल लाइंस  थाने के एसआई अजीत सिंह पहुंचे। उन्होंने जांच पड़ताल के बाद चाइल्ड लाइन के जिला कोऑर्डिनेट विजय श्रीवास्तव को सूचना दी जिनके निर्देश पर कार्यकर्ता अनामिका व अशफाक पहुंचे और फिर मासूम को चिल्ड्रेन अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस का कहना है कि बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ है, फिलहाल चेकअप के लिए उसे अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। उसके परिजनों का पता लगाया जा रहा है। 

हड़बड़ी में थी महिला, टूट गई चूड़ी

बस के ड्राइवर सोनेलाल के मुताबिक, यात्रियों ने बताया कि जो महिला मासूम को लेकर बस में चढ़ी थी वह बेहद घबराई हुई थी। बस से उतरते वक्त वह इतनी हड़बड़ी में थी कि दरवाजे के पास स्थित सीट से टकराने पर उसके हाथ की चूड़ियां भी टूट गईं। कुछ देर बाद उसके साथ आया पुरुष भी नीचे उतर गया। बाद में बहुत तलाश की गई लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला।
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