माफ करना मैंने तुम्हें अकेला कर दिया
डॉ.चंद्रा जब संक्रमित हुए तो उन्होंने अपनी बहन से आखिर बार कहा था, मुझे माफ करना, मैंने तुम्हें अकेला कर दिया। प्रोफेसर पूनम चंद्रा मित्तल बताती हैं, डॉक्टर चंद्रा एक अच्छे बेटे, भाई तथा पिता थे। अपने माता-पिता की सेवा में वह कभी पीछे नहीं रहे। आखिरी बार सितंबर 2019 में टैगोर टाउन स्थित घर आए थे।
अपने वतन के लिए कुछ करने की थी चाह
मां शकुंतला चंद्रा बताती हैं, 2017 में अमेरिका से भारत आते हुए उसने प्लेन में ही एक हार्ट पेशेंट की जान बचाई थी। वह खुद से ज्यादा दूसरों की चिंता करते थे। हमेशा कहते थे, अगर मौका मिला तो अपने वतन के लिए जरूर कुछ करूंगा।
अमेरिका में बनेगा प्रिवेंशन एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर
डॉ. चंद्रा ने एक अनूठे कार्यक्रम हार्टवर्क्स का सृजन किया। इसमें ह्दय रोग के खतरे के विस्तृत आकलन के लिए बहुत सस्ते में कैल्शियम स्कोरिंग टेस्ट सहित गैर आक्रामक परीक्षण समूह की ओर से ह्दय रोग के खतरे का विस्तृत आकलन होता है। इसका बड़ा प्रभाव हुआ और उन्हें 2008 में अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ड़िस्टिंग्विश्ड अचीवमेंट अवार्ड तथा डेटन बिजनेस जर्नल के हेल्थ केयर हीरो एंड इन्नोवेटर ऑफ द इयर अवार्ड से नवाजा गया। मियामी वैली हॉस्पिटल फाउंडेशन ने उनके सम्मान एवं स्मृति में डॉ.मुकुल एस चंद्रा कॉर्डियोवास्क्यूलर एंड पल्मोनरी डिसीज प्रिवेंशन एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर बनाया है।
एक मां होने के नाते अपने बेटे को खोने का मुझे अपार दु:ख है। मगर उसने लोगों की सेवा करते हुए अपनी जान गंवाई है। -शकुंतला चंद्रा, मां
डॉ.चंद्रा की स्मृति में प्रत्येक माह की 28 तारीख, जो उनकी जन्मतिथि भी है, को छावनी अस्पताल में सभी वर्ग के लोगों के लिए ओपीडी तथा सभी प्रकार की जांच नि:शुल्क होगी। इसके अलावा दवाइयों पर भी 50 प्रतिशत छूट रहेगी। - डॉ.सिद्वार्थ पांडेय, प्रोजेक्ट हेड, छावनी अस्पताल।