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प्रयागराज : सामूहिक हत्याकांड की अधिकांश वारदातें कृष्ण पक्ष में, अमावस्या के आसपास तिथियों में हुईं घटनाएं

Wed, 23 Aug 2023 04:20 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

संगमनगरी पिछले कई वर्षों से लगातार सामूहिक हत्याकांडों से दहलती रही है। पिछले छह साल की ही बात की जाए तो यहां एक दर्जन से ज्यादा ऐसी घटनाएं हुईं, जिनमें सामूहिक रूप से पूरा परिवार मौत के घाट उतार दिया गया।
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crime - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अपराधियों पर लगाम लगा पाने की यूपी पुलिस की ताजा कवायद इन दिनाें खास चर्चा में है। विभाग के मुखिया ने मातहतों से कहा है कि अमावस्या के आसपास अपराध ज्यादा होते हैं, ऐसे में इस अवधि में विशेष सतर्कता बरती जाए। कम से कम संगमनगरी में तो यह अमावस थ्योरी बिल्कुल फिट बैठती है। यहां हुए सामूहिक हत्याकांडों में से अधिकांश अमावस्या के आसपास ही हुई है।

संगमनगरी पिछले कई वर्षों से लगातार सामूहिक हत्याकांडों से दहलती रही है। पिछले छह साल की ही बात की जाए तो यहां एक दर्जन से ज्यादा ऐसी घटनाएं हुईं, जिनमें सामूहिक रूप से पूरा परिवार मौत के घाट उतार दिया गया। खास बात यह कि इनमें से अधिकांश वारदातें अमावस्या के एक हफ्ते पहले या एक हफ्ते बाद की तिथियों में हुईं। 23 अप्रैल 2017 को नवाबगंज के शहावपुर गांव में मक्खन गुप्ता के साथ उनकी पत्नी मीरा देवी, बेटी वंदना और निशा की हत्या कर दी गई। हिंदू पंचांग के मुताबिक, यह तिथि कृष्ण पक्ष की द्वादशी थी और अमावस्या से ठीक तीन दिन पहले यह वारदात अंजाम दी गई।

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19 मार्च 2018 को नवाबगंज के शहावपुर उर्फ पसियापुर गांव में सुशीला व उसके दो बेटों सुनील और अनिल को सोते वक्त बेरहमी से कत्ल कर दिया गया। यह अमावस्या के दो दिन बाद की तिथि थी। सात दिसंबर 2018 को सोरांव के बिगहियां गांव में कमलेश देवी, उनकी बेटी और दामाद के साथ नाती की निर्मम हत्या कर दी गई। हिंदू पंचांग के अनुसार यह अमावस्या की रात थी।

28 नवंबर 2021 को फाफामऊ के गोहरी में दंपती और उसके दो बच्चों को कुल्हाड़ी से काट डाला गया था। दंपती की 17 वर्षीय बेटी से सामूहिक दुष्कर्म की भी बात सामने आई थी। यह कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि थी, जो अमावस्या से ठीक छह दिन पहले का दिन था। इसी तरह 23 अप्रैल 2022 को थरवई के खेवराजपुर में एक ही परिवार के पांच लोगों को बेरहमी से मार डाला गया। यह अमावस्या से ठीक सात दिन पहले का दिन था।

तीन दिन पहले ही जारी हुआ है सर्कुलर

डीजीपी विजय कुमार की ओर से तीन दिन पहले इस संबंध में सर्कुलर जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि प्रदेश के समस्त जनपद/कमिश्नरेट में घटित घटनाओं का मुख्यालय स्तर पर विश्लेषण करने पर पाया गया कि हिन्दू पंचाग के अंधेरे पक्ष (कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि के एक सप्ताह पूर्व एवं एक सप्ताह पश्चात रात्रि के समय अधिक घटनाएं घटित होती है। ऐसे में प्रत्येक माह में अंधेरे पक्ष (कृष्ण पक्ष) की अमावस्या की तिथि से एक सप्ताह पूर्व, एक सप्ताह पश्चात् रात्रि में वर्णित अपराध शीर्षकों में घटित घटनाओं का सीसीटीएनएस, डायल 112 से घटना के संबंध में प्राप्त सूचनाओं का मिलान / क्राइम मैपिंग करा लिया जाए तथा क्राइम मैपिंग के अनुसार हॉटस्पॉट चिह्नित कर कार्ययोजना तैयार की जाए।

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अंधेरी रातों में ही निकलते हैं घुमंतू गिरोह

अपराध रोकने के लिए हिंदू पंचांग के अनुसार वारदातों का विश्लेषण पहले भी किया जाता रहा है और यह बेहद कारगर रहा है। घुमंतू गिरोह अक्सर अंधेरी रातों यानी कृष्ण पक्ष में ही लूट, डकैती, हत्या की वारदातें करते हैं। ऐसे में यूपी पुलिस की कवायद निश्चित ही अपराध रोकने में कारगर होगी। - प्रेमप्रकाश, रिटायर एडीजी

 

मुख्यालय से आए निर्देश के क्रम में 2017 से लेकर अब तक हुई जघन्य वारदातों की समीक्षा की जा रही है। उनके स्थान, दिन, घटना के समय, अपराध कारित करने के तरीके आदि को लेकर गहन विश्लेषण किया जा रहा है। इसी आधार पर विस्तृत योजना बनाकर इस तरह की आपराधिक वारदातों पर लगाम लगाई जाएगी। - अभिषेक भारती, डीसीपी गंगानगर

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