उत्तर प्रदेश में डीएलएड 2019-20 सत्र के लिए दूसरे चरण का आवंटक पूरा हो चुका है। इसके बावजूद कुल सीटों में से लगभग एक लाख से अधिक सीटें अब भी खाली हैं। इनमें से अधिकांश सीटें निटी कॉलेजों की हैं।
प्रदेश में 67 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान यानी डायट की 10600 सीटें हैं, जबकि 3087 निजी कॉलेजों की 218550 सीटें हैं। इन सभी कॉलेजों को मिला कर सीटों की कुल संख्या 229150 है, जिनमें से केवल 123823 सीटें ही भरी जा सकी हैं। यानी कुल सीटों में से 105327 सीटें खाली रह गई हैं, जिनमें से ज्यादातर नीजि कॉलेजों की हैं।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक दूसरे चरण में 53149 अभ्यर्थियों ने संस्थान का विकल्प दिया था। इनमें से 41997 को सीटें आवंटित की गईं, जबकि 11152 के आवेदन निरस्त कर दिए गए। पहले राउंड में 138442 अभ्यर्थियों को सीटें आवंटित की गई थीं, लेकिन इनमें से केवल 81826 ने ही दाखिला लिया था।
इसी आधार पर आशंका जताई जा रही है कि दूसरे चरण में जिन अभ्यर्थियों को सीटें आवंटित की गई हैं, उनमें से भी कई लोग दाखिला लेने नहीं आएंगे। इस प्रकार दूसरे चक्र में जितने अभ्यर्थियों को सीट एलॉट हुई है जरूरी नहीं है की सभी प्रवेश लें।
दरअसल, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने जून 2018 में बीएड डिग्रीधारियों को भी प्राथमिक स्कूलों की शिक्षक भर्ती के योग्य मान लिया था। इस फैसले के बाद बीएड करने वाले अभ्यर्थी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं, जबकि डीएलएड करने के बाद सिर्फ प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में ही शिक्षक बन सकते हैं। इसलिए डीएलएड करने वालों की संख्या कम हो गई है।