प्रयागराज। रसूल की शहादत पर गम मनाने को माहे मोहर्रम का आगाज आठ या नौ अगस्त को चंद्र दर्शन के साथ होगा। इमामबाड़ों की साफ सफाई और रंग-रोगन का काम तेज हो गया है। वहीं, शहर की एक दर्जन से अधिक मातमी अंजुमनों ने शायरों से नौहा लिखवा कर उसकी तर्ज निगारी और लय देने के लिए मश्शाकी शुरू कर दी है। माहे मोहर्रम के आगाज से पहले शहर की मातमी अंजुमनों ने तर्ज निगारी का अभ्यास आरंभ कर दिया है।
दरियाबाद की अंजुमन नकविया, हाशिमया, हुसैननिया कदीम, हुसैनिया रजिस्टर्ड, असगरिया, मोहाफिजे अजा, मुहाफिजे अजा कदीम, रानीमंडी की अंजुमन अब्बासिया, हैदरिया, आबिदिया, मजलूमिया, शब्बीरिया तथा बख्शी बाजार की अंजुमन गुचा -ए-कासिमिया ने शायरों से नए नौहे लिखवा कर बेहतरीन अदायगी को लेकर मश्शाकी शुरू कर दी है।