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विधायक विजय मिश्रा पर दुष्कर्म के आरोप का मामला: चार दिन बीते, एक कदम भी नहीं चली पुलिस

Thu, 22 Oct 2020 01:35 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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विधायक विजय मिश्र। - फोटो : अमर उजाला
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इसे राजनीति का रसूख कहें या फिर पुलिस की ढिलाई कि विधायक विजय मिश्र पर जिस भजन गायिका ने सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया, चार दिन बाद भी पुलिस कार्रवाई एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकी है। पीड़िता का न तो मेडिकल परीक्षण हुआ और न ही कोर्ट के सामने उसके बयान हुए। इतना ही नहीं इस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस ने कोई प्रयास तक नहीं शुरू किए। पुलिस का कहना है कि नियमों के मुताबिक ही विवेचना की जा रही है। 
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वाराणसी की रहने वाली एक युवती ने 18 अक्तूबर को गोपीगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि विजय मिश्रा डरा धमकाकर 2014 से ही उसका यौन शोषण कर रहा है। वह भजन गायिका है। विजय ने अपने घर एक कार्यक्रम के लिए बुलाया फिर चेंजिंग रूम में जबरन घुसकर उसके साथ दुराचार किया। पहले भदोही फिर प्रयागराज के अल्लापुर में उसे बुलाकर लगातार कई दिन यौन शोषण किया गया। इसी दौरान उसने कई वीडियो भी बना लिए थे। धमकी देता था कि किसी से बताया तो पूरे परिवार समेत जान से मरवा दूंगा।

यौन शोषण के बाद उसने अपने बेटे विष्णु मिश्रा और रिश्तेदार विकास मिश्रा को उसे वाराणसी पहुंचाने के लिए भेजा तो उन लोगों ने उसके साथ एक कमरे में सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद उसने फोन उठाना बंद कर दिया तो विजय मिश्रा ने चार आदमियों को भेजकर भरे बाजार से उसे उठवा लिया था। इसके बाद वह इतना डर गई कि वह मुंबई चली गई, लेकिन विजय मिश्रा ने वहां भी पीछा नहीं छोड़ा। धमकी दी कि जब भी वीडियो कॉल करें तो तुरंत उठना चाहिए। युवती ने इन्हीं वीडियो कॉल का स्क्रीन शाट लेकर पुलिस को भी दिया।
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 इस मामले में पुलिस ने 18 अक्तूबर को रिपोर्ट तो दर्ज कर ली, लेकिन इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में है। युवती का पुलिस ने आज तक मेडिकल परीक्षण नहीं कराया, बिना मेडिकल के कोर्ट के सामने पीड़िता का बयान भी नहीं होगा। इस मामले में विजय मिश्रा समेत तीन लोगों को नामजद किया गया है। उनमें बेटा विष्णु और रिश्तेदार विकास मिश्रा भी शामिल हैं। पुलिस उन्हें भी अब तक नहीं पकड़ पाई है। युवती ने एफआईआर में बताया था कि भदोही, प्रयागराज और वाराणसी में उसका यौन शोषण किया गया। पुलिस अभी कहीं भी तफ्तीश करने नहीं पहुंची है। इस मामले में जब भदोही के एएसपी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामला सब ज्यूडिस है। इसलिए वह इस मामले पर कोई बयान नहीं दे सकते।
  • एफआईआर के बाद अब आगे की कार्रवाई की जा रही है। कोरोना टेस्ट के बाद लड़की का मेडिकल का परीक्षण होगा। - इंस्पेक्टर गोपीगंज
 

रेप का मुकदमा पहली बार, 60 से अधिक मुकदमे हैं दर्ज

प्रयागराज। विजय मिश्रा पर 60 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। रेप की एफआईआर पहली बार हुई है। एफआईआर के बाद युवती ने बयान दिया था कि उसका इतना आतंक है कि उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की किसी ने हिम्मत नहीं की। अगर पुलिस जांच करे तो कई और मामलों का खुलासा हो सकता है। जब उसे पता चला कि विजय मिश्रा जेल चला गया तो उसने रिपोर्ट दर्ज कराने की हिम्मत की है।

कई दलों में रह चुके हैं विजय मिश्रा

विजय मिश्रा ने1990 में कांग्रेस से ब्लाक प्रमुख के रूप में राजनीति की शुरूआत की थी। 2002, 2008 और 2012 में विजय मिश्रा सपा के टिकट से ज्ञानपुर के विधायक चुने गए। 2017 में अखिलेश यादव ने जब टिकट नहीं दिया तो निषाद पार्टी में चले गए और उसी पार्टी के विधायक बने। विजय पर 60 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। मंत्री नंदी पर हमले का आरोप भी उन पर लग चुका है, लेकिन भाजपा सरकार बनने के साढ़े तीन साल तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। अब शासन ने उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।
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