विधायक ने डीएम प्रतापगढ़ नितिन बंसल को पत्र भेजकर कार्यदायी संस्था की ओर से एमएनएनआईटी को नमूनों की जांच के लिए प्रो. आरपी तिवारी को नामित किए जाने पर आपत्ति जताई है। मजे की बात यह है कि सीएंडडीएस के अनुरोध पत्र पर एमएनएनआईटी के निदेशक ने भी आरपी तिवारी को ही नामित कर दिया है।
इस पर विधायक का दावा है कि प्रो. तिवारी न तो लैब इंचार्ज हैं और ना ही मैटेरियल टेस्टिंग में उनकी दक्षता है। यदि नामित ही करना था तो लैब इंचार्ज को जिम्मा दिया जाना चाहिए। ऐसा नहीं हुआ को सीएंडडीएस इस जांच को प्रभावित कर सकती है। इस मामले में एमएनएनआईटी के निदेशक प्रो आरएस वर्मा का कहना है कि दोबारा अनुरोध पत्र आया तो वह दूसरे प्रोफेसर को नमूनों की जांच सौंप देंगे।
कार्यदायी संस्थाओं की ओर से जिस प्रोफेसर का नाम प्रस्तावित किया जाता है, उसे नामित कर दिया जाता है। इस मामले में क्या हुआ मैं नहीं जानता। इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। - प्रो. आरएस वर्मा, निदेशक-एमएनएनआईटी।