परिसर में गंदगी, उगी हैं झाड़ियां
क्रॉस्थवेट गर्ल्स इंटर कॉलेज की स्थापना 1894 में हुई थी। विद्यालय में साख तो बरकरार है, लेकिन भवन की स्थिति ठीक नहीं है। कक्षाओं की हालत भी बदतर है। दीवारों में सीलन आ गई है। विद्यालय का गेट तो सुंदर बना है, लेकिन अंदर भवन बेजान है। पुराने भवन में झाड़ू लग जाती है, लेकिन पुताई तो लंबे अर्से से नहीं हुई है। कक्षा तक जाने के लिए झाड़ियों का सामना करना पड़ता है।
20 एकड़ में फैले 129 वर्ष पुराने विद्यालय में 28 कक्षाएं हैं। यहां पर तैनात 41 शिक्षिकाओं में से इसी वर्ष दो सेवानिवृत्त हो जाएंगी। बुधवार को विद्यालय में कई शिक्षिकाएं नहीं थीं। बताया गया कि सात शिक्षिकाएं कंपार्टमेंट परीक्षा की कॉपियां चेक करने गई थीं। पांच शिक्षिकाएं अवकाश पर थीं। प्रधानाचार्य भी आकस्मिक छुट्टी पर थीं। यहां पर छह से 12वीं तक छात्राएं पढ़ रही हैं। कक्षा छह, सात, आठ में दो-दो, नौ व 10वीं में चार-चार सेक्शन हैं। वहीं, 11वीं व 12वीं में सात सेक्शन हैं।
विद्यालय में हर वर्ष छात्राएं टॉप करती हैं
विद्यालय में हिंदी व अंग्रेजी में करीब 2500 छात्राएं पढ़ रही हैं। हर वर्ष हाईस्कूल और इंटर की छात्राएं टॉप करती हैं। यूपी बोर्ड से कॉलेज को ए ग्रेड मिला है।
विद्यालय में छात्राओं की संख्या अच्छी है। एडमिशन पांच अगस्त तक चलेंगे। ऐसे में छात्राओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। बारिश की वजह से पुताई का काम नहीं हो सका था। लेकिन, अब अगले महीने से शुरू हो जाएगा। - स्नेह लता यादव, प्रधानाचार्य