अल्पसंख्यक विभाग की ओर से आदेश जारी किया गया है कि शिक्षा के अधिकार के तहत कक्षा एक से आठ तक की पढ़ाई मुफ्त है। विद्यार्थियों को अन्य जरूरी वस्तुएं भी दी जाती हैं। इसलिए सिर्फ नौवीं एवं दसवीं के विद्यार्थियों को ही छात्रवृत्ति दी जाएगी और उन्हीं के आवेदन अग्रसारित किए जाएं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कृष्ण मुरारी का कहना है कि आदेश आया है। इसी के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
वहीं मऊआइमा स्थित मदरसा के प्रधानाचार्य शफीकुर्रहमान ने इस आदेश पर निराशा जताई है। उनका कहना है कि अभी जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से 24 नवंबर को ही पत्र लिखकर पहली से दसवीं तक के सभी विद्यार्थियों के आवेदनों की हार्ड कॉपी मांगी गई थी, लेकिन शनिवार को अचानक यह आदेश आ गया। यह निराश करने वाला है। छात्रवृत्ति नहीं दी जानी थी तो पहले से इसकी सूचना होनी चाहिए थी। उन्होंने बताया कि जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय में छात्रवृत्ति बहाली की मांग का ज्ञापन सोमवार को सौंपा जाएगा।
10 हजार से अधिक विद्यार्थी होंगे वंचित
पूर्व के वर्षों में पहली से आठवीं तक के 10 हजार से अधिक अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को यह छात्रवृत्ति मिलती रही है। इस बार भी 10 हजार से अधिक आवेदन हुए हैं, लेकिन अब सभी छात्रवृत्ति से वंचित होंगे।
प्रदेश की योजना में आठवीं तक के छात्रों को नहीं मिलती छात्रवृत्ति
समाज कल्याण तथा अन्य विभागों की योजना के अंतर्गत पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति नहीं दी जाती। प्री मैट्रिक समेत अन्य योजनाओं के तहत नौवीं तथा इससे ऊपर की कक्षाओं के विद्यार्थियों को ही छात्रवृत्ति दी जाती है।