गैंगरेप पीड़िता से मिलने अस्पताल पहुंचीं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल को तीखा विरोध झेलना पड़ा। यहां मुआवजे, लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर आश्वासन न मिलने पर आक्रोशित लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया। इसे लेकर समर्थकों व प्रदर्शनकारियों में जमकर नोकझोंक हुई। बाद में पुुलिस पहुंची तब मंत्री भीतर जा सकीं।
झूंसी में 23 फरवरी को बीएएमएस छात्रा संग गैंगरेप हुआ था। छात्रा वाराणसी के एक कॉलेज में पढ़ती है। आरोप है कि कार से खींचकर अगवा करने के बाद झूंसी ले जाकर उसके साथ दरिंदगी की गई। मामले में तीन नामजद व 6-7 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। नामजद आरोपी जेल में हैं, जबकि अज्ञात आरोपियों को चिह्नित नहीं किया जा सका है। इसे लेकर सामाजिक संगठन लगातार प्रदर्शनरत हैं। उधर पीड़िता का अब भी अस्पताल में इलाज चल रहा है। बृहस्पतिवार शाम उससे मिलने केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल भी अस्पताल पहुंचीं। इस दौरान वहां मौजूद सपा नेता रिचा सिंह, अधिवक्ता सुनील चौधरी व अन्य लोगों ने उन्हें भीतर जाने से रोक लिया।
वह पीड़िता को 50 लाख रुपये मुआवजा देने व लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। आरोप है कि मंत्री बिना आश्वासन दिए ही जाने लगीं, जिस पर प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान मंत्री के समर्थकों व प्रदर्शनकारियों में नोकझोंक हुई और इसके बाद वहां जमकर हंगामा हुआ। धक्कामुक्की के बाद मंत्री व उनके समर्थक अस्पताल के भीतर तो चले गए लेकिन, प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी जारी रखी। सूचना पर सीओ रत्नेश सिंह व शाहगंज इंस्पेक्टर संजय सिंह फोर्स लेकर पहुंचे और लोगों को शांत कराने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस सुरक्षा के बीच मंत्री अस्पताल से रवाना हुईं। उधर, इंस्पेक्टर शाहगंज का कहना है कि कुछ लोग प्रदर्शन कर रहे थे, जिन्हेें शांत करा दिया गया। हंगामे जैसी कोई बात नहीं थी।
मंत्री अनुप्रिया पटेल का काफिला अस्पताल से बाहर जाने लगा, उस वक्त भी प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी जारी रखी। सपा नेता रिचा ने कार के सामने आकर भी नारेबाजी की। हालांकि पुलिस ने उन्हें हटा दिया जिसके बाद मंत्री वहां से रवाना हो सकीं।
उधर गैंगरेप मामले के नामजद तीसरे आरोपी ने भी कोर्ट में सरेंडर कर दिया। मुख्य आरोपी सागर यादव को केस दर्ज होने के कुछ घंटे बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। जबकि दूसरे आरोपी विनीत ने एक दिन पहले ही कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। बृहस्पतिवार को एक अन्य नामजद आरोपी अमित ने भी सरेंडर कर दिया। उस पर 25 हजार का इनाम भी घोषित किया गया था। पुलिस का कहना है कि अज्ञात आरोपियों को चिह्नित करने का प्रयास किया जा रहा है।