प्रारंभिक जांच में जो श्रमिक पूरी तरह से स्वस्थ पाए जाएंगे उन्हें 21 दिनों के लिए होम क्वारंटीन किया जाएगा। परिवार के मात्र एक सदस्य को ही आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी आदि के लिए बाहर जाने की अनुमति होगी। आशा घर के सभी सदस्यों को जागरूक करेंगी और जांच कराएंगी। शासन का स्पष्ट निर्देश है जिनके पास होम क्वारंटीन की सुविधा नहीं है उन्हें आश्रय स्थलों पर क्वारंटीन किया जाए। डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने रविवार को रेलवे स्टेशनों का भ्रमण कर तैयारियों को देखा। उन्होंने बैठकें करके अफसरों को गाइडलाइन के अनुसार व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
दूसरे राज्यों से आने वाले हर श्रमिक का ब्योरा तैयार होगा। यह जिम्मेदारी श्रम विभाग को दी गई है। विभाग एक रजिस्टर में पूरा विवरण दर्ज करेगा। इसके बाद इसे कम्प्यूटर पर भी फीड किया जाएगा। इसमें श्रमिकों के हुनर का भी जिक्र होगा। ताकि, उसी के अनुरूप उन्हें रोजगार मुहैया कराया जा सके।