भाई के कत्ल के बाद पिता ने अमित को छोटे भाई के पास बंगलुरू भेज दिया था। पिता की हत्या के बाद लौटे अमित सिंह ने शक जताया है कि भाई के कातिल ही पिता की हत्या के पीछे हो सकते हैं। उनके मुताबिक छोटे भाई अनूप सिंह की 21 नवंबर 2010 को खेत में पानी लगाने को लेकर हुए विवाद में पड़ोसी अमर सिंह, उनके बेटे दर्शन सिंह व भतीजे राहुल सिंह ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसमें तीनों को उम्रकैद हुई है। मगर, राहुल व दर्शन जमानत पर बाहर हैं।
अमित बताते हैं कि भाई की हत्या के समय वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीकॉम करके शहर में ही एक कारोबारी के यहां अकांउटेंट का काम कर रहे थे। भाई की हत्या के बाद घर लौट गए। पड़ोसियों से रंजिश के डर से पिता ने उन्हें छोटे भाई संदीप सिंह के पास बंगलुरू भेज दिया। कहा, दोनों वहीं रहकर अपने बच्चाें को पढ़ाओ, गांव आने की जरूरत नहीं है। अमित वहीं पान की दुकान चलाने लगा। छोटा भाई संदीप भी वहीं रहता है।
बेटों को बचा लिया, पर खुद हो गए शिकार
अमित ने बताया कि पिता ने दोनों भाइयों को बचा लिया, लेकिन खुद रंजिश के शिकार हो गए। उनकी मौत के बाद अंधेरा ही अंधेरा है। यह कहते हुए उसकी आंखें नम हो गईं। अमित ने बताया कि उनकी पत्नी अनिता सिंह ने कई बार पिताजी से कहा था कि वह बच्चाें को गांव में रखकर पढ़ाना चाहती हैं, लेकिन वह कहते कि यहां बच्चों का भविष्य खराब हो जाएगा। तुम बच्चों को वहीं अच्छे से पढ़ाओ, घर मैं संभाल लूंगा।