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पुरा छात्रों का समागम@ लल्ला की चुंगी

Sun, 06 Aug 2017 02:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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‘मैं अकेले ही चला था जानिबे मंजिल मगर, लोग साथ आते गए, कारवां बनता गया।’ ‘लल्ला की चुंगी’ के नाम से बना फेसबुक ग्रुप कुछ ऐसे ही कारवां बनाता चला गया। यह ग्रुप इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पुरा छात्रों के बीच दशकों बाद हुई मुलाकात का माध्यम बना और फिर मिलने-मिलाने का सिलसिला ही चल पड़ा। इसी ग्रुप के जरिये इविवि के पुरा छात्र तीन साल पहले इलाहाबाद में जुटे थे और इस बार हरिद्वार में इकट्ठा होने जा रहे हैं।
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छात्र डेलीगेसी के हों या हॉस्टल से जुड़े हों, खाली वक्त में अब भी लल्ला की चुंगी स्थित चायपान की दुकानों पर उनका जमावड़ा लगता है। ‘लल्ला की चुंगी’ फेसबुक ग्रुप से इलाहाबाद विश्वविद्यालय के तकरीबन डेढ़ हजार पुरा छात्र-छात्राएं जुड़े हुए हैं और इनकी संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इस ग्रुप की शुरुआत 2011 में हुई थी। शुरुआत में इससे चार लोग जुड़े और कारवां बढ़ता चला गया। वर्तमान में इस ग्रुप से विश्वविद्यालय में 1950 से लेकर 1912 तक पढ़े छात्र-छात्राएं जुड़े हैं। इनमें पूर्व छात्रसंघ पदाधिकारी, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, ब्यूरोक्रेट्स, पत्रकार, मल्टीनेशनल प्रोफेशनल, विभिन्न क्षेत्रों में देश के विकास में योगदान करने वाले पूरा छात्र भी शामिल हैं।

ग्रुप ने तय कर रखा है कि हर तीन साल में पुरा छात्रों का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। पहला सम्मेलन 16 नवंबर 2014 को इलाहाबाद स्थित हिंदुस्तानी एकेडेमी में हुआ था। इस बार विश्वविद्यालय के पुरा छात्र 16 एवं 17 सितंबर को हरिद्वार के दिव्य प्रेम सेवा मिशन में आयोजित ‘हरिद्वार समागम-2017’ में जुटेंगे। तीन ‘हरिद्वार समागम-2017’ के आयोजन के लिए 13 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें इलाहाबाद से अधिवक्ता प्रदीप तिवारी को शामिल किया गया है। प्रदीप तिवारी ने बताया कि इस आयोजन में पुरा छात्र-छात्राओं के साथ उनके परिवार के लोग भी शामिल होंगे।
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‘लल्ला की चुंगी’ के नाम से बने फेसबुक ग्रुप के कई कड़े नियम भी हैं। इस ग्रुप का सदस्य वही पुरा छात्र बन सकता है, जिसे विश्वविद्यालय छोड़े कम से कम चार साल बीत चुके हों। इसमें कोई भी सदस्य किसी भी तरह की विवादित टिप्पणी नहीं कर सकता है। ऐसा करने पर सदस्य को ग्रुप से बाहर कर दिया जाता है। अगर किसी राजनैतिक या सामाजिक मुद्दे पर चर्चा करनी है तो इसके लिए ग्रुप के चारों एडमिन से अनुमति लेना अनिवार्य है।

दिनेश सिंह (भाजपा के केंद्रीय नेता एवं नेहरू युवा केंद्र के राष्ट्रीय प्रभारी), श्यामकृष्ण पांडेय (वरिष्ठ कांग्रेसी नेता), गीतेंद्र सिंह (अवकाश प्राप्त जज, झारखंड), मनीष शुक्ल (प्रदेश भाजपा प्रवक्ता), संजय चतुर्वेदी (नमामि गंगे प्रोजेक्ट सलाहकार), संजय मिश्र (सचिव, मध्य प्रदेश सरकार), विनय मिश्र (अवकाश प्राप्त अधिकारी, ब्रिटिश आर्मी), राकेश सिन्हा (मल्टीनेशनल कंपनी के सार्क देशों के प्रमुख), अनुराग श्रीवास्तव (वरिष्ठ पत्रकार), हेरम्ब चतुर्वेदी (इविवि के प्रोफेसर), रामाधीन सिंह (रेलवे बोर्ड सलाहकार), इंदु अग्रवाल (सामाजिक कार्यकर्ता), इरा सिन्हा (सोशल एक्टिविस्ट, मुंबई), शची मिश्रा (सामाजिक विचारक गुजरात से)।
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