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मेडिकल प्रशासन ने मानी रैगिंग की बात 

Thu, 05 May 2016 02:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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रैग‌िंग - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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मोती लाल नेहरू मेडिकल (एमएलएनएम) कॉलेज में सीनियर छात्र द्वारा जूनियर छात्र की रैगिंग लिए जाने की घटना आखिरकार सही साबित हुई। मेडिकल प्रशासन ने इसे स्वीकार करते हुए रैगिंग करने वाले 54वें बैच के दो छात्रों के खिलाफ बुधवार को कार्रवाई की और उन्हें हॉस्टल से बाहर निकालकर कमरे में ताला लगा दिया। मामले में पूछताछ जारी है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच अधिकारी चीफ वार्डेन के दो दिनों से शहर में न होने से जांच रुकी हुई है।
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बता दें, मेडिकल कॉलेज में 55वें बैच के एक छात्र ने 54वें बैच के छात्र अवनीश कुमार और अश्वनी पर रैगिंग का आरोप लगाया है। यह भी कि वे उसे बुलाकर कई आपत्तिजनक हरकतें करवाते हैं। छात्र ने अपना नाम न उजागर करने की प्रार्थना के साथ दिसंबर में इसकी शिकायत सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की। छात्र के गंभीर आरोपों को देखते हुए पीएमओ कार्यालय ने एमसीआई को पत्र भेजकर जांच के आदेश दिए जिसे एमसीआई ने एमएलएनएम कॉलेज को भेज दिया। बीते 29 अप्रैल को कॉलेज पहुंचे इस पत्र को हॉस्टल के चीफ वार्डेन डॉ.देवाशीष शर्मा को जांच के लिए दिया गया। उन्होंने छात्रों से पूछताछ के बाद सोमवार को कॉलेज के प्राचार्य कार्यालय में भी पूछताछ की लेकिन बातचीत में उन्होंने इस बारे में कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया। हालांकि कॉलेज सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है।

‘अमर उजाला’ ने तीन मई के अंक में प्रमुखता से इस घटना को प्रकाशित किया था, जिसके बाद मेडिकल प्रशासन बैकफुट पर आया और उसने रैगिंग की बात स्वीकार की। सोमवार को कॉलेज के प्राचार्य डॉ.एसपी सिंह शासन की बैठक में शामिल होने लखनऊ गए थे। उनके लौटने के बाद घटना पर मंथन किया गया। वार्डेन डॉ. आरबी कमल ने बताया कि बुधवार को कॉलेज के हॉस्टल के कमरा नंबर 135 में रह रहे आरोपी छात्र अवनीश कुमार और 144 में रह रहे अश्वनी को बाहर कर ताला लगा दिया गया है। प्राचार्य डॉ.एसपी सिंह ने कहा, फिलहाल जांच जारी है, हालांकि जांच अधिकारी चीफ वार्डेन डॉ.देवाशीष शर्मा मंगलवार से ही शहर से बाहर हैं। उनके आने के बाद ही जांच रिपोर्ट सामने आएगी तब जांच रिपोर्ट को एमसीआई भेजा जाएगा।
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