मऊआइमा स्थित बैंक में लूट का मामला, सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से पुलिस ने बनवाया
वारदात का 10 दिन बाद भी खुलासा नहीं
प्रयागराज। मऊआइमा में बड़ौदा पूर्वी उप्र ग्रामीण बैंक में दिनदहाड़े 6.27 लाख की लूट के मामले में पुलिस ने एक बदमाश का स्केच जारी किया है। बैंक के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज में दिखे बदमाश के हुलिए के आधार पर यह स्केच तैयार कराया गया है। हालांकि 10 दिन बीतने के बाद भी मामले का खुलासा नहीं हो सका है।
बड़ौदा पूर्वी उप्र ग्रामीण बैंक की मिया का पूरा स्थित मऊआइमा शाखा में 19 सितंबर को चार बदमाशों ने दिनदहाड़े लूट की थी। असलहों के बल पर बदमाश 6.27 लाख रुपये लूट लिए थे। बदमाशों ने बैंक के बाहर और भीतर फायरिंग की भी थी। 10 दिन बीतने के बाद भी पुलिस अब तक लुटेरों को पकड़ नहीं सकी है। क्राइम ब्रांच को भी लगाया गया है लेकिन वह भी खुलासे में नाकाम रही। शनिवार को पुलिस की ओर से वारदात में शामिल एक बदमाश का स्केच जारी किया गया। दरअसल जांच पड़ताल के दौरान पुलिस को बैंक से कुछ दूरी पर लगे सीसीटीवी कैमरे में दो बदमाश भागते नजर आए थे। इसमें बाइक चला रहे बदमाश ने तो चेहरे पर रूमाल बांध रखा था लेकिन पीछे बैठे बदमाश का चेहरा खुला था। फुटेज से मिले हुलिए के आधार पर ही पुलिस ने यह स्केच तैयार कराया है। फुटेज में दिख रहा है कि इस बदमाश ने लाल व सफेद रंग की टीशर्ट व जींस पहन रखी थी। अफसरों का कहना है कि स्केच जारी कराकर बदमाश की तलाश की जा रही है।
प्रतापगढ़ के थे बदमाश, मुंबई भाग निकले
सूत्रों की मानें तो पुलिस की जांच पड़ताल में यह साफ हो गया है कि बैंक में लूट करने वाले बदमाश प्रतापगढ़ के रहने वाले थे। यह भी पता चला है कि घटना के बाद वह मुंबई भाग निकले। जिसके बाद क्राइम ब्रांच एक टीम वहां गई भी लेकिन बदमाश बेहद शातिर निकले। जिस सर्विलांस के सहारे पुलिस ने लोकेशन की जानकारी हासिल की, बदमाशों ने उसे ही फेल कर दिया। मुंबई पहुंचने के बाद उन्होंने अपने-अपने नंबर बंद कर लिए जिसके बाद पुलिस टीम बैरंग होकर लौट आई।
बैंक मैनेजर के हत्यारे भी पकड़ से दूर
मऊआइमा में दो महीने पहले 19 जुलाई को कालिंदीपुरम निवासी इलाहाबाद बैंक बांका जलालपुर शाखा के मैनेजर अनिल कुमार दोहरे (50) की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना तब हुई जब वह कार से एक सहकर्मी संग सुबह बैंक जा रहे थे। इस मामले का पुलिस अब तक खुलासा नहीं कर सकी है। मामले में चार दिन बाद इश्तियाक नामक बदमाश को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर पुलिस ने दावा किया था कि सुपारी मिलने पर उसने अपने तीन शूटर साथियों संग मिलकर वारदात की। साथ ही बताया कि सुपारी दिलबहार ने दी। लेकिन दो महीने बाद भी पुलिस न तो दिलबहार को खोज सकी, न ही यह बता सकी कि हत्या की वजह क्या रही।