प्रयागराज में बेहद भीड़भाड़ वाले बरांडा मार्केट में सोमवार की रात भीषण आग लग गई। आग में सौंदर्य प्रसाधन की चार दुकानें जलकर राख हो गईं। जिस समय आग लगी, उस वक्त मार्केट की संकरी गलियों में खरीदारी करने के लिए महिलाओं की भीड़ लगी थी।
प्रयागराज के चौक स्थित बरांडा में आग की ऊंची-ऊंची लपटें देखकर लोग दहल उठे। मार्केट में जहां आग लगी थी, उसे कास्मेटिक्स और बैग-पर्स का बाजार कहा जाता है। खबर मिलते सैकड़ों की संख्या में दुकानदार और आसपास के लोग इकट्ठे हो गए।
विज्ञापन
उन्होंने फायर ब्रिगेड और पुलिस के साथ मिलकर आग बुझाने में मदद की। कई दुकानदारों के लाखों के सामान पानी से खराब हो गए। दमकलकर्मियों ने दो दुकानों का शटर और ऊपर टीन उखाड़कर आग बुझाई।
चौक बरांडा में रात साढ़े आठ के बाद दुकानें बंद होनी शुरू हो जाती हैं। तनवीर की कास्मेटिक्स की दुकान में उसका भाई फरहान भी मौजूद। उसे कहीं शादी में जाना था। वह दुकान लगभग बंद कर निकल गया। तनवीर भी निकलने वाला था। उसी समय तनवीर ने दुकान के पिछले हिस्से से धुआं निकलता देखा। वह आग-आग करके चिल्लाया तो लोग इकट्ठे हो गए।
विज्ञापन
शेखू और बाबू की बंद दुकानों से लपटें निकलने लगीं। आग तनवीर की दुकान तक पहुंच गई। ऊंची- ऊंची लपटें दिखाई दीं तो लोग दहल गए। फायर ब्रिगेड के साथ ही मार्केट के दुकानदारों को फोन किए जाने लगे। फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां जब तक पहुंचती, वहां सैकड़ों लोग इकट्ठे हो गए थे।
फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के साथ वे भी आग बुझाने लगे। कई थानों की फोर्स भी पहुंच गई थी। तमाम व्यापारी नेता भी मौके पर पहुंच गए। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने कई दुकानों के शटर और ऊपर टीन तोड़कर आग को बुझाया। पानी से आस-पास की कास्मेटिक्स की कई दुकानों का लाखों का सामान खराब हो गया था।
दुकानदारों ने बताया कि मंगलवार को ही पता चलेगा कि कितना ज्यादा नुकसान हुआ है। आग से इलाके में घंटों अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ था। उधर से गुजर रहे लोग आग देखकर दूसरे रास्तों से चले गए। सीएफओ आरके पांडेय ने बताया कि दमकल की दो गाड़ियों ने घंटे भर में आग पर काबू पा लिया। कोई जनहानि नहीं हुई है। आग मो. यामीन उर्फ बाबू की दुकान में सबसे पहले लगी थी। उसी के बाद दो अन्य दुकानों में फैल गई।
आग फैलती तो होता अरबों का नुकसान
फायर ब्रिगेड की सक्रियता की वजह से बहुत बड़ा नुकसान होने से बच गया। अगर आग फैल जाती तो वहां करोड़ों का नहीं अरबों का नुकसान हो जाता। मार्केट में 256 दुकानें हैं। जिस एरिया में आग लगी थी, वहां सिर्फ कास्मेटिक्स और पर्स-बैग की ही दुकानें है। दोनों ज्वलनशील माने जाते हैं। आग की सूचना पर दर्जनों दुकानदार मौके पर पहुंच गए थे।
चौक में अप्रैल में भी लगी थी आग, 15 दुकानें हो गई थीं खाक
चौक के बरांडा मार्केट के बगल में स्थित नेहरू कॉम्प्लेक्स में इसी साल अप्रैल महीने में भीषण आग लग गई थी। आग से कॉम्प्लेक्स की 15 दुकानें जलकर राख हो गई थीं। घटना में करीब पांच करोड़ का नुकसान हुआ था।
तारों का मकड़जाल चौक में आग की घटनाओं की बड़ी वजह
तारों के मकड़जाल चौक इलाके में आग की घटनाओं की बड़ी वजह बन गया है। चौक के वारांडे में लगी आग भी शार्ट सर्किट का नतीजा बताई जा रही है। इस आग के बाद दहशत से भरे लोग अन्य दुकानों के सुरक्षित होने की प्रार्थना करते रहे। ससे पहले भी शार्ट सर्किट की वजह से चौक में कई बार आग लगने की घटना हो चुकी है।
इसी वर्ष अप्रैल महीने में भी चौक के नेहरू कॉम्पलेक्स में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लगी थी, जिसमें दुकानदारों को करोड़ों का नुकसान हुआ था। बाजार में बिजली के तारों के मकड़जाल को लेकर वर्षों से व्यापारियों की ओर से शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन विद्युत महकमा इसे ठीक नहीं कर पा रहा है। आग की वजह से अबतक कई बार व्यापारियों का करोड़ों का माल जलकर खाक हो चुका है।
पावर हाउस के उपखंड अधिकारी चंद्रशेखर आजाद ने बताया कि बिजली की लाइन वारांडे के विपरीत दिशा में है। आग क्यों लगी इसका पता किया जाएगा। मीटर की केबल में अगर चिंगारी निकल रही थी तो दुकान वालों को पहले से सावधान रहना चाहिए था। चौक क्षेत्र की शिकायतों को हमेशा ही प्राथमिकता से निस्तारित किया जाता है।