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मरियाडीह बवालः लग्जरी कारों से होती थी गोमांस की तस्करी

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Mariyadih case - फोटो : CITY DESK
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प्रयागराज। धूमनगंज के मरियाडीह में पुलिस टीम पर हुए हमले के आरोपियों की तलाश में रविवार को दिनभर छापेमारी हुई। हालांकि उनका पता नहीं चल सका लेकिन, सुरागरशी में जुटी टीम को आरोपियों के नवाबगंज में होने की बात पता चली है। जिसके बाद पुलिस टीम वहां दबिश देने की तैयारी कर रही है।
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धूमनगंज पुलिस गोकशी के मामले में मार्च से वांछित चल रहे रसूलपुर मरियाडीह निवासी नुरैन पुत्र जरीमुल्ला को पकड़ने मरियाडीह गई थी तभी, वहां पुलिसकर्मियों पर हमला बोल दिया गया। इसमें सात पुलिसकर्मी घायल हुए। साथ ही नुरैन को पुलिस हिरासत से छुड़ाकर उसके साथी भाग निकले। पुलिस पर हमले के दौरान पथराव के साथ ही फायरिंग भी की थी। मामले में नुरैन के साथ ही उसके भाइयों समेत कुल 18 लोगों पर मुकदमा लिखा गया। इनमें हसनैन, सकलैन, फरहान, इमरान, आजाद, अश्फाक, तौफीक, नसीम, फैजान, अकरम, इशरत, फैजान पुत्र राजा, महताब, आसिफ, अबू तलहा, शाकिब व ताहिर शामिल हैं। यह सभी रसूलपुर मरियाडीह के रहने वाले हैं। धूमनगंज पुलिस के साथ ही आसपास के थानों की फोर्स ने देर रात तक गंाव में छापेमारी की। सुबह 10 बजे के करीब एक बार फिर धूमनगंज पुलिस गांव मेें पहुंची और आरोपियों की तलाश की। हालांकि देर रात आरोपी पकड़े नहीं जा सके थे। हालांकि सुरागरशी में जुटी टीम को पता चला है कि आरोपी नवाबगंज भाग निकले। दरअसल, मरियाडीह गंगा के कछार में स्थित है। नदी पार नवाबगंज थाना क्षेत्र में आने वाला चफरी गांव पड़ता है। पहले भी बवाल के बाद पुलिस से बचने के लिए मरियाडीह में रहने वाले अपराधी नदी के रास्ते ही भाग चुके हैं। ऐसे में पुलिस अब नवाबगंज में दबिश देने की तैयारी कर रही है। धूमनगंज पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
लग्जरी गाड़ियों से होती है गोमांस की तस्करी
पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच पड़ताल में यह बात पता चली है कि आरोपी लग्जरी गाड़ियों में गोमांस की तस्करी करते थे। वांछित नुरैन की ऐसी ही एक टवेरा गाड़ी के बारे में भी जानकारी मिली है। पुलिस का कहना है कि रविवार को कई जगहों पर छापा मारा गया लेकिन गाड़ियों का कुछ पता नहीं चल सका। लेकिन इतना तो तय है कि गाड़ियां गांव में ही कहीं छिपाकर रखी गई हैं।
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