इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन के ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के फैसला के समर्थन में भी छात्र-छात्राओं का एक तबका सड़क पर उतर गया है। विद्यार्थियों ने शुक्रवार को लल्ला चुंगी से बालसन चौराहा तक कैंडल मार्च भी निकाला। इसके अलावा कई अन्य संगठनों ने भी इसका समर्थन किया है।
विश्वविद्यालय के महिला हॉस्टल के सामने ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के समर्थन में जमावड़ा हुआ। उनका कहना था कि कंप्यूटर और इंटरनेट के युग में ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा का विरोध करना छात्र-छात्राओं को पीछे ले जाने जैसा है। मार्च में शामिल विद्यार्थी हाथ में तख्ती भी लिए थे। मार्च में दुर्गेश मिश्रा नंदिनी, मानस राय, राघवेंद्र सिंह, सोनी राय, अतुल सिंह आदि शामिल रहे। भाजपा नेता अजय राय की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा की मांग को विरोध किया गया।
अजय राय का कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डिजिटल इंडिया का नारा दे रहे हैं। ऐसे में भाजपा सांसद और विधायकों का कुलपति के फैसला का विरोध करना समझ से परे है। बैठक में अविनाश चौधरी, कामेश्वर सोनकर, प्रदीप कुमार गोस्वामी, आरके सिंह आदि मौजूद रहे। एजुकेशनल फोरम की बैठक में भी कुलपति के नेतृत्व में विश्वविद्यालय में हुए फैसलों का स्वागत किया गया। बैठक में कुंवर शेखर कुमार, सीएमपी डिग्री कालेज के पूर्व प्राचार्य रुद्र प्रकाश श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष राजीव यादव के नेतृत्व में हुए सर्वे में ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के समर्थन की बात सामने आई।
राजीव का कहना था कि ज्यादातर विद्यार्थी ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के पक्ष में हैं। सर्वे करने वालों अक्षय यादव, क्रांतिवीर, आदि शामिल रहे। जिला कांग्रेस के हसीब अहमद, श्रीश चंद्र दुबे, शेष नारायण ओझा, इमरान, रामजी यादव आदि ने भी ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के फैसले का समर्थन किया। क्लीन यूनिवर्सिटी कंपेन ग्रुप से जुड़े छात्र-छात्राओं ने भी कुलपति के ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने शुक्रवार को ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन सौंपने वालों में चंदन सिंह, विवेक रंजन सिंह, सुनील सिंह, देविका सिंह, श्वेता सिंह, श्वेतांक मिश्रा आदि शामिल रहे।