करछना के भाजपा विधायक पीयूष रंजन निषाद का कहना है कि इस मामले का समाधान सड़क पर बैठकर नहीं होगा। आयोग के अफसरों को चाहिए कि वह छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को बुलाएं और वार्ता कर उचित समाधान निकालें। फाफामऊ से भाजपा विधायक गुरु प्रसाद मौर्य का कहना है कि योगी सरकार प्रतियोगी छात्रों के मामले में संवेदनशील है। निश्चित ही सरकार के स्तर पर उचित समाधान निकाला जाएगा। विपक्ष इस मामले में सिर्फ राजनीति कर रहा है।
बारा से अपना दल के विधायक डॉ. वाचस्पति का कहना है कि सरकार और आंदोलनकारी एक साथ नहीं बैठेंगे तो समाधान कैसे निकलेगा। वहीं, इलाहाबाद से कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह का कहना है कि दो शिफ्ट में परीक्षा का निर्णय वापस लेना चाहिए।
मेजा से सपा विधायक संदीप पटेल का कहना है कि यह छात्रों की वाजिब मांग है। सरकार की नीयत ठीक नहीं है। वह कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए हमेशा से काम रही है। हंडिया से सपा विधायक हाकिम लाल बिंद ने भी एक शिफ्ट में परीक्षा कराने की बात कही। उनका कहना है कि सरकार की यह नीति बिल्कुल गलत है। प्रतापपुर से सपा विधायक विजमा यादव एवं सोरांव की विधायक गीता शास्त्री ने भी युवाओं की मांग का समर्थन किया।