मानसून की बारिश से कहीं राहत तो कहीं आई आफत
मानसून की आहट से ही इलाके में कहीं खुशी तो कहीं गम का दौर शुरू हो गया है। झमाझम बारिश से खेतों में धान की रोपाई ने जोर पकड़ लिया है। वहीं सड़कों पर भारी जलजमाव और गंदगी से राहगीरों का जीना दूभर हो गया। बारिश के दौरान ही नालों की सफाई करने से लोगों को भारी मुसीबत झेलनी पड़ी। सफाई कर्मियों की लापरवाही से नगरवासियों में आक्रोश है।
सोमवार शाम से शुरू हुई बारिश का सिलसिला मंगलवार को देर रात तक चलता रहा। मानसून की झमाझम बारिश से भीषण गर्मी से परेशान लोगों को राहत नसीब हुई। वहीं मौसम अनुकूल देख काश्तकारों ने खेतों में धान की रोपाई का काम तेज कर दिया। बारिश के चलते लखनऊ राजमार्ग, जेठवारा मार्ग के साथ ही तमाम मोहल्लों और वार्डों की नालियां चोंक हो गई। सर्वाधिक परेशानी मुख्य बाजार में हुई। साप्ताहिक बाजार के रोज नगर पंचायत के सफाई कर्मी नाले का मलबा उठाने लगे। इससे राहगीरों की शामत बन आई। सरेबाजार सड़क पर एक कदम चलना दूभर हो गया। लोगों ने आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद बारिश के पहले नालों की सफाई नहीं की गई। हमेशा की तरह आग लगने पर कुएं की खोदाई करने वाली मिसाल दोबारा सच साबित हुई है। गंदगी और सड़ांध से संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका अलग से बनी हुई है। गुस्साए लोगों ने जिलाधिकारी से समाधान की मांग की है।