154 लोगों से पूछताछ के बाद निष्कर्ष पर पहुंची सीबीआई
उसकी ब्लैकमेलिंग के कारण वह आत्महत्या कर रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने आद्या तिवारी और संदीप तिवारी को भी दोषी ठहराया था। सीबीआई ने सुसाइड नोट की राइटिंग एक्सपर्ट से जांच भी कराई। नरेंद्र गिरि की ही राइटिंग की पुष्टि हुई थी। सुसाइड पूर्व बनाए गए वीडियो में भी नरेंद्र गिरि ने कमोवेश वही बातें कही थीं। जांच शुरू होेने के बाद सीबीआई ने सुबूत जुटाना शुरू किया। लोगों के बयान दर्ज किए गए।
154 लोगों से पूछताछ के बाद सीबीआई इसी निष्कर्ष पर पहुंची कि आनंद गिरि से विवाद के कारण ही नरेंद्र गिरि मानसिक रूप से परेशान थे। यह बात न सिर्फ मठ और हनुमान मंदिर से जुड़े सभी लोगों ने बताई बल्कि अखाड़े और मठ से जुड़े साधु संतों ने भी आनंद गिरि से विवाद की बात कही थी। नरेंद्र गिरि के जो भी करीबी थे, उन्होंने साफ साफ यही बताया कि विवाद के बाद जब आनंद गिरि ने उनके खिलाफ मीडिया में अभियान चलाया तो वे बहुत दुखी हुए थे।
आनंद के अलावा नरेंद्र गिरि का किसी से नहीं था विवाद
सीबीआई को जांच के दौरान पता चला कि नरेंद्र गिरि की हाल फिलहाल किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। सालों पहले जमीन को लेकर सपा के स्व. विधायक महेश नरायण सिंह से उनका विवाद हुआ था लेकिन उसके बाद से कोई बड़ा मामला नहीं हुआ था। आनंद गिरि से विवाद ही उनके काल का कारण बना। कुछ साल पहले से आनंद से पेट्रोल पंप की जमीन को लेकर विवाद शुरू हुआ था।
2019 में निरंजनी अखाड़े के आशीष गिरि की मौत के बाद विवाद खुलकर सामने आ गया था। आनंद ने इशारों इशारों में अपने गुरु नरेंद्र गिरि पर ही आरोप लगाया था। बाद में जब आनंद को अखाड़े और मठ से निकाला तो उसने नरेंद्र गिरि के खिलाफ मीडिया में अभियान चला दिया। नरेंद्र गिरि एक शादी में किसी डांसर पर नोट लुटा रहे थे। यह वीडियो भी आनंद ने वायरल कर दिया तो नरेंद्र गिरि काफी परेशान हो गए थे।