आरोपियों ने आरोप से इंकार करते हुए परीक्षण की मांग की
आरोप तय होने के दौरान तीनों आरोपित जरिए वीडियो कांफ्रेंसिंग जुड़े थे। कोर्ट ने आरोप पढक़र सुनाया कि तीनों के द्वारा साजिशन आत्महत्या के लिए उकसाया गया है। हालांकि, तीनों आरोपितों ने इससे इंकार किया। मांग की पहले परीक्षण कराया जाए। जिस पर न्यायालय ने अभियोजन पक्ष को गवाहों को पेश करने का आदेश दिया।
22 सितंबर को गिरफ्तार हुए थे आनंद गिरि
महंत नरेंद्र गिरि के शिष्य रहे आनंद गिरि 22 सितंबर 2021 को गिरफ्तार किए गए थे। मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण शासन ने इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी थी। सीबीआई 28 सितंबर से चार अक्तूबर तक आनंद गिरि को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की थी। सीबीआई ने तीनों आरोपियों का पॉलिग्राफ टेस्ट कराने की भी मांग कोर्ट से की थी लेकिन, उसकी इजाजत नहीं मिली। इसके बाद सीबीआई ने 20 नवंबर को आरोप पत्र दाखिल कर फाइल को सत्र न्यायालय को सौंप दिया। 1
9 पेज के आरोपपत्र में सीबीआई ने 152 लोगों के बयान दर्ज किए थे। इसके बाद से ही आरोप पत्र तय किए जाने के लिए जिला न्यायालय में प्रक्रिया चल रही थी। आरोपियों की ओर से अपने बचाव के लिए तमाम प्रयास किए गए लेकिन तथ्यों और सबूतों के होने से तीन पर शुक्रवार को जिला न्यायालय ने आरोप तय कर दिया। अब इस मामले में गवाही होगी।