नरेंद्र गिरी ने जिस कमरे में खुदकुशी की थी, वहां मिले पीले रंग के झोले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल झोले पर बाबा स्वीट शाप, अलवर लिखा था लेकिन झोले में कोई मिठाई नहीं थी। झोला बिल्कुल नया था। सवाल उठता है कि मौत से पहले उनके पास अलवर राजस्थान से कौन आया था। इसमें आनंद गिरी कनेक्शन की जांच की जा रही है।
आनंद भी राजस्थान का रहने वाला है। एसआईटी ने शुक्रवार को मठ में जाकर वह झोला अपने कब्जे में ले लिया है। दरअसल मठ के लोगों के मुताबिक हाल फिलहाल महंत से मिलने राजस्थान से कोई नहीं आया था। ऐसे में उनके पास राजस्थान अलवर का नया झोला कहां से आ गया? झोला अलवर की मशहूर बाबा स्वीट शाप की है जो कलाकंद की मिठाइयों के लिए जानी जाती है लेकिन पुलिस को झोले में मिठाई का कोई डिब्बा नहीं मिला था।
एसआईटी ने सेवादारों समेत अन्य लोगों से पूछताछ की लेकिन झोले के बारे में कोई कुछ नहीं बता पाया कि महंत को किसने और कब यह झोला दिया। जांच में जुटी टीम के सदस्य ने बताया कि चूंकी आनंद गिरि राजस्थान के भीलवाड़ा का है, इस कारण अब यह सामान्य सा झोला पुलिस की जांच का हिस्सा बन गया है। पुलिस पता लगाने में जुटी है कि महंत के पास झोला कहां से आया। पुलिस का कहना है कि हो सकता है कि आनंद गिरि ने किसी शख्स को वहां झोले के साथ भेजा था। पुलिस ने अब मठ में एक हफ्ते के दौरान आने वाले लोगों की सूची मठ के लोगों से मांगी है।