शहीदों का अपमान स्वीकार्य नहीं
आचार्य महामंडलेश्वर ने कहा कि देश के संविधान में सबको बोलने की आजादी देने का तात्पर्य यह नहीं है कि जो चाहे जिसको चाहे जो भी बोल दे। देश के शहीदों का अपमान किसी भी दशा में स्वीकार्य नहीं है। पद्मश्री पुरस्कार पाने वाले शख्स से तो कम से कम इस तरह की बयान की उम्मीद नहीं थी।
अन्नपूर्णा की प्रतिमा वापस लाने का किया स्वागत
महामंडलेश्रर ने कनाडा से मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा वपस लाने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अंग्रजों के शासनकाल में इस तरह की तमाम देवी देवताओं की मूर्तियां और हमारी धरोहर को अंग्रेजों ने कब्जे में लेकर अपने संग्रहालय में भेज दिया था। मोदी सरकार अब इसे वापस लाने का प्रयास कर रही है, जिसका स्वागत किया जाना चाहिए। देश की एकता और अखंडता के लिए कार्य करने वाले सभी संगठनों के साथ किन्नर अखाड़ा कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।