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Mahakumbh : मेला की बसावट का प्रारंभिक खाका तैयार, संगम होगा सेक्टर नंबर तीन

Sun, 20 Oct 2024 12:34 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

बाढ़ का पानी निकलने के बाद फिर से सर्वे कराके मेला का खाका तैयार किया जाएगा। उसमें आंशिक बदलाव हो सकता है। लेकिन, प्रारंभिक प्रारूप के आधार पर ही तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
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संगम तट पर गंगा में समतलीकरण का कार्य करती मशीन। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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महाकुंभ-2025 के लिए मेला की बसावट का प्रारंभिक खाका तैयार कर लिया गया है। इसके अनुसार सेक्टर तीन संगम क्षेत्र होगा। वहीं, झूंसी की तरफ सेक्टर 18 या 19 में अखाड़ों को जमीन देने की तैयारी है। गंगा का पानी निकलने के साथ मेला क्षेत्र को बसाने की तैयारी तेज कर दी गई है। 2019 में 22 सेक्टर में मेला को बसाया गया था। वहीं, इस बार विस्तार करके 25 सेक्टर में मेला बसाने का निर्णय लिया गया है।

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इसी क्रम में जीआई सर्वे व भौतिक सत्यापन के बाद प्रारंभिक खाका भी तैयार किया गया है। हालांकि, बाढ़ का पानी निकलने के बाद फिर से सर्वे कराके मेला का खाका तैयार किया जाएगा। उसमें आंशिक बदलाव हो सकता है। लेकिन, प्रारंभिक प्रारूप के आधार पर ही तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसके अनुसार सेक्टर एक और दो परेड मैदान में होंगे। बांध से नीचे और गंगा तट से पहले तक संगम से नागवासुकि के बीच सेक्टर तीन, चार, छह, सात, आठ और नौ की बसावट होगी। इस तरह से सेक्टर तीन संगम क्षेत्र होगा। वहीं, आखिर में नागवासुकि में सेक्टर नौ होगा।

झूंसी की तरफ फाफामऊ से छतनाग घाट के बीच पांच व 10 से 22 तक के सेक्टर बसाए जाएंगे। इस तरह से झूंसी की तरफ में फाफामऊ में सेक्टर पांच व उसके बाद सेक्टर 10 होगा। वहीं, छतनाग में सेक्टर 22 होगा। नैनी से अरैल के बीच सेक्टर 23, 24 और 25 की बसावट होगी। प्रभारी एडीएम मेला विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि अखाड़े सबसे महत्वपूर्ण स्थान पर होंगे। ऐसे में उन्हें झूंसी की तरफ सेक्टर 18 या 19 में बसाए जाने की उम्मीद है। हालांकि, अंतिम निर्णय होना बाकी है।

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संगम तट पर गंगा में समतलीकरण का कार्य करती मशीन। - फोटो : अमर उजाला।
झूंसी की तरफ फाफामऊ से छतनाग तक बनेंगे घाट

स्नानार्थियों की सुविधा को देखते हुए इस बार 12 किमी में घाटों को विस्तार देने का निर्णय लिया गया है। 2019 में आठ किमी लंबाई में घाट बनाए गए थे। इसके अलावा सर्कुलेटिंग एरिया को भी विस्तार दिया जाएगा। एडीएम मेला विवेक चतुर्वेदी के अनुसार इस बार फाफामऊ से छतनाग के बीच लगातार घाट बनाए जाएंगे। पीपापुल या अन्य निर्माण वाले स्थानों पर ही घाट नहीं होगा। इसी तरह से बांध की तरफ संगम, दशाश्वमेध, दारागंज आदि घाटों को विस्तार देने के साथ नागवासुकि में भी घाट बनाया जाएगा।
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महाकुंभ की तैयारी जोरों पर चल रही है। - फोटो : अमर उजाला।
22 या 23 से ऑनलाइन आवेदन लिए जाने की है तैयारी

नई संस्थाओं से 22 या 23 अक्तूबर से ऑनलाइन आवेदन लिए जाने की तैयारी है। नई संस्थाओं से हार्डकॉपी में आवेदन लिए जा रहे हैं, लेकिन उनका भी पंजीकरण ऑनलाइन ही होगा। पुरानी संस्थाएं भी सुविधाएं बढ़ाने के लिए आवेदन कर सकती हैं। ऑनलाइन आवेदन के लिए विंडो खोलने पर एक-दो दिनों में निर्णय लेने की बात कही जा रही है। अपर मेलाधिकारी का कहना है कि बाढ़ का पानी निकलने लगा है। जमीन समतलीकरण का काम भी शुरू हो गया है। अक्तूबर के आखिरी या नवंबर के पहले सप्ताह में समतलीकरण का काम पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद जमीन व सुविधा आवंटन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी।

हर सेक्टर में बनेंगे जर्मन हैंगर के पंडाल

सांस्कृतिक व अन्य तरह के आयोजनों के लिए मेला प्रशासन की ओर से हर सेक्टर में पंडाल बनाए जाएंगे। इस बार जर्मन हैंगर के पंडाल बनाए जाने का निर्णय लिया गया है। इससे सुरक्षा के साथ सुंदरता भी बढ़ेगी। इसके अलावा तंबुओं के शहर की बसावट के लिए भी अच्छी गुणवत्ता एवं सुंदर टेंट का इस्तेमाल किया जाएगा। हर सेक्टर में सुंदरीकरण के काम भी कराए जाएंगे।
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