संगम तट पर गंगा में समतलीकरण का कार्य करती मशीन।
- फोटो : अमर उजाला।
झूंसी की तरफ फाफामऊ से छतनाग तक बनेंगे घाट
स्नानार्थियों की सुविधा को देखते हुए इस बार 12 किमी में घाटों को विस्तार देने का निर्णय लिया गया है। 2019 में आठ किमी लंबाई में घाट बनाए गए थे। इसके अलावा सर्कुलेटिंग एरिया को भी विस्तार दिया जाएगा। एडीएम मेला विवेक चतुर्वेदी के अनुसार इस बार फाफामऊ से छतनाग के बीच लगातार घाट बनाए जाएंगे। पीपापुल या अन्य निर्माण वाले स्थानों पर ही घाट नहीं होगा। इसी तरह से बांध की तरफ संगम, दशाश्वमेध, दारागंज आदि घाटों को विस्तार देने के साथ नागवासुकि में भी घाट बनाया जाएगा।
महाकुंभ की तैयारी जोरों पर चल रही है।
- फोटो : अमर उजाला।
22 या 23 से ऑनलाइन आवेदन लिए जाने की है तैयारी
नई संस्थाओं से 22 या 23 अक्तूबर से ऑनलाइन आवेदन लिए जाने की तैयारी है। नई संस्थाओं से हार्डकॉपी में आवेदन लिए जा रहे हैं, लेकिन उनका भी पंजीकरण ऑनलाइन ही होगा। पुरानी संस्थाएं भी सुविधाएं बढ़ाने के लिए आवेदन कर सकती हैं। ऑनलाइन आवेदन के लिए विंडो खोलने पर एक-दो दिनों में निर्णय लेने की बात कही जा रही है। अपर मेलाधिकारी का कहना है कि बाढ़ का पानी निकलने लगा है। जमीन समतलीकरण का काम भी शुरू हो गया है। अक्तूबर के आखिरी या नवंबर के पहले सप्ताह में समतलीकरण का काम पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद जमीन व सुविधा आवंटन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी।
हर सेक्टर में बनेंगे जर्मन हैंगर के पंडाल
सांस्कृतिक व अन्य तरह के आयोजनों के लिए मेला प्रशासन की ओर से हर सेक्टर में पंडाल बनाए जाएंगे। इस बार जर्मन हैंगर के पंडाल बनाए जाने का निर्णय लिया गया है। इससे सुरक्षा के साथ सुंदरता भी बढ़ेगी। इसके अलावा तंबुओं के शहर की बसावट के लिए भी अच्छी गुणवत्ता एवं सुंदर टेंट का इस्तेमाल किया जाएगा। हर सेक्टर में सुंदरीकरण के काम भी कराए जाएंगे।