इस बार भी टेंडर नियमों की अनदेखी की शिकायत बंगाल वुड एंड एलाइड प्रोडक्ट्स की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी और मेलाधिकारी से की गई। इसमें टेंडर नियमों में बदलाव करने के साथ ही प्रक्रिया में मनमानी कर छत्तीसगढ़ की अनुभवहीन फर्मों को टेंडर में शामिल करने का आरोप लगाया गया।
इसी दौरान रायपुर वन परिक्षेत्र अधिकारी की ओर से महाकुंभ के टेंडर में हिस्सा लेने वाली रायपुर की फर्मों के भंडारण की जांच कराई गई तो चौंकाने वाली जानकारी मिली थी। वन परिक्षेत्र अधिकारी की जांच रिपोर्ट में कहा गया कि जिन फर्मों ने टेंडर में प्रतिभाग किया है, उनकी ओर से सालवुड के भंडारण का प्रस्तुत किया गया हलफनामा झूठा है। उनके पास आपूर्ति के लिए पर्याप्त भंडारण न होने की रिपोर्ट रायपुर के वनाधिकारी की ओर से दी गई थी।
कोट
कुल 80 हजार साल स्लीपर की महाकुंभ के लिए आवश्यकता है। जिन कंपनियों को वर्क आर्डर दिया गया है, उन्होंने 22 हजार साल स्लीपर तैयार होने की जानकारी दी है। इसकी गुणवत्ता जांचने के लिए कमेटी बनाकर भेजी गई है। हफ्ते भर बाद एसई और एक्सईएन की टीम भी रायपुर भेजी जाएगी। - एके द्विवेदी, मुख्य अभियंता, पीडब्ल्यूडी