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Mahakumbh 2025 : संगम तट पर अमृत स्नान की महिमा अपरंपार, मोहेगा संन्यासियों का 21 शृंगार

Wed, 29 Jan 2025 04:43 AM IST
दुष्यंत शर्मा आलोक कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज)

सार

हर-हर महादेव, हर-हर गंगे का जयघोष करते हुए त्रिवेणी के तट पर महाकुंभ में आस्था के महासंगम का नजारा भी अद्भुत होगा। अमृत स्नान देखने और साधु-संन्यासियों की चरण रज लेने के लिए श्रद्धालु आधी रात से ही घाटों पर पहुंचने लगे।
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महाकुंभ में आकर्षण का केंद्र बने हैं बवंडर बाबा से लकेर डिजिटल मौनी बाबा तक - फोटो : X/@VikashMohta_IND
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विस्तार
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महाकुंभ के दूसरे अमृत स्नान के लिए अखाड़ों की शाही सवारी तैयार हो गई। 21 शृंगार के साथ आचार्य महामंडलेश्वर, साधु-संन्यासी और नागा साधु अमृत स्नान के लिए निकलेंगे। हर-हर महादेव, हर-हर गंगे का जयघोष करते हुए त्रिवेणी के तट पर महाकुंभ में आस्था के महासंगम का नजारा भी अद्भुत होगा। अमृत स्नान देखने और साधु-संन्यासियों की चरण रज लेने के लिए श्रद्धालु आधी रात से ही घाटों पर पहुंचने लगे।

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महाकुंभ का दूसरा अमृत स्नान मौनी अमावस्या पर होगा। स्नान का मुहूर्त सुबह पांच बजे से शुरू होगा, जब पहले महानिर्वाणी अखाड़े के नागा संन्यासी स्नान करेंगे। इसके साथ ही श्री शंभू पंचायती अटल अखाड़ा भी स्नान करेगा।  सुबह 5.50 बजे निरंजनी अखाड़ा और आनंद अखाड़ा स्नान करेंगे, जबकि सुबह 6.45 बजे जूना अखाड़े का स्नान समय निर्धारित है।

सके साथ ही आवाहन अखाड़ा और पंच अग्नि अखाड़ा भी स्नान करेंगे। 29 जनवरी की सुबह 9.25 बजे बैरागी अखाड़े के संत स्नान करेंगे, जबकि 10.05 बजे दिगंबर अनि अखाड़े के साधु-संत स्नान करेंगे। इसके बाद 11.05 बजे निर्मोही अखाड़े के साधु-संत स्नान करेंगे। आखिरी में उदासीन परंपरा के तीनों अखाड़े स्नान करेंगे, जिसके बाद 12 बजे पंचायती अखाड़े के साधु-संत अमृत स्नान करेंगे। इसके बाद 1.05 बजे पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन का समय तय है, जबकि पंचायती निर्मल अखाड़ा दोपहर 2.25 बजे स्नान करेगा। 
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12000 नागा संन्यास दीक्षा लेकर पहली बार अमृत स्नान करेंगे 
संन्यास दीक्षा के बाद मौनी अमावस्या पर 12 हजार नागा संन्यासी अखाड़ों के साथ पहली बार अमृत स्नान में हिस्सा लेंगे। अपने अखाड़े संग अमृत स्नान करने को लेकर उनके भीतर उत्साह नजर आ रहा है। सभी अखाड़ों में संन्यास दीक्षा का काम पूरा हो चुका। जूना अखाड़े ने तीन चरणों में नागा दीक्षा दी। दीक्षा लेने के बाद मौनी अमावस्या पर उनको पहली बार अखाड़े की धर्म ध्वजा के नीचे अमृत स्नान का मौका मिलेगा। अखाड़ों मेें उनका स्थान भी तय कर दिया गया। नवदीक्षित नागा अपने एक जोड़ीदार के साथ सबसे पीछे चलेंगे। धर्म ध्वजा, निशान और आचार्य के स्नान के बाद नागा संन्यासी डुबकी लगाएंगे।  

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