अखाड़ों के स्नान का पूरा कार्यक्रम
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मौनी अमावस्या पर्व पर बुधवार को अखाड़ों के संत एवं नागा संन्यासी 10 घंटे से अधिक समय तक अमृत स्नान करेंगे। सबसे पहले संन्यासी परंपरा के महानिर्वाणी एवं शंभू पंचायती अटल अखाड़ा के संत सुबह 5.00 बजे स्नान करेंगे। इसके लिए संत अपने शिविर से चार बजे प्रस्थान कर जाएंगे। वहीं, आखिरी में निर्मल अखाड़ा के संत दिन में 2.25 बजे से 2.45 बजे तक स्नान करेंगे।
| अखाड़े का नाम |
शिविर से प्रस्थान (समय) |
संगम पहुंचने का समय |
स्नान की अवधि (मिनट) |
| महानिर्वाणी एवं अटल |
4:00 |
5:00 |
40 |
| निरंजनी एवं आनंद |
4:50 |
5:50 |
40 |
| जूना, आवाहन एवं पंचाग्नि |
5:45 |
6:45 |
40 |
| निर्वाणी |
8:25 |
9:25 |
30 |
| दिगंबर |
9:05 |
10:05 |
50 |
| निर्मोही |
10:05 |
11:05 |
30 |
| नया पंचायती |
11:00 |
12:00 |
55 |
| बड़ा पंचायती |
12:05 |
1:05 |
60 |
| निर्मल पंचायती |
1:25 |
2:25 |
40 |
मौनी अमावस्या पर अमृत स्नान के लिए विशेष तैयारी की गई है। मकर संक्रांति अमृत स्नान के दौरान अखाड़ा मार्ग पर श्रद्धालु भी घुस गए थे। बैरिकेडिंग भी टूट गई थी। इसके अलावा अखाड़ों के स्नान घाट पर भी श्रद्धालु पहुंच गए थे। इसे देखते हुए मौनी के लिए अखाड़ा मार्ग पर मजबूत बैरिकेडिंग की गई है। जाली भी लगाई जा रही है। ताकि, लोग बैरिकेडिंग में घुस भी ना सकें। इसके अलावा अखाड़ों के स्नान घाट का विस्तार किया गया है। इसके लिए घाट को यमुनाजी की तरफ बढ़ाया गया है। इसके अलावा घाट पर भी बैरिकेडिंग की गई है।