माघ मेले में उमड़ी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
स्नान- ध्यान के साथ रेती पर मां वाग्देवी की आराधना,आरती और दीपदान हुआ। वहीं, संतों और कल्पवासियों के शिविरों में भी कहीं यज्ञ, अखंड पाठ तो कहीं संगीतमय कथाएं और कीर्तन किए गए। त्रिवेणी मार्ग पर भजनानंदी संतों की टोलियां जहां झांझ-मजीरे के साथ झूमती रहीं, वहीं शिविरों से समूहों में निकलतीं महिलाएं मां गंगा के गीत गाते हुए पहुंचती रहीं। वसंत पर स्नान पर्व के लोकोत्सव की छटा हर तरफ इसी तरह छाई रही। मेलाधिकारी अरविंद चौहान और एसएसपी राजीव नारायण मिश्र समेत कई आला अधिकारी लगातार स्नान पर्व की व्यवस्था का जायजा लेते रहे।