योगी सत्यम ने बताया कि नियमों के बंधन से मुक्ति पाने के लिए जीवात्मा का जन्म होता है। क्रियायोग अभ्यास से मनुष्य के अंदर की दिव्य इच्छा शक्ति जागृत हो जाती है और वह सत्य-अहिंसा के पथ पर अग्रसर हो जाता है।
इलाहाबाद हाइकोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजेश कुमार ने रविवार को कहा कि क्रियायोग मानवता की रक्षा और खुशहाली का एक पूर्ण विज्ञान है। इसकी शिक्षा ग्रहण करने पर मनुष्य सभी प्रकार के कष्टों से मुक्त हो सकता है। उन्होंने क्रियायोग के विश्व स्तर पर प्रचार के लिए योग गुरु स्वामी योगी सत्यम के प्रयासों पर विस्तार से रोशनी डाली।
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कहा कि योगी सत्यम के सानिध्य में क्रियायोग उसी विस्तार हो प्राप्त होगा जैसे परमहंस योगानंद के प्रयासों से संभव हुआ था। यह बातें उन्होंने अक्षयवट मार्ग पर संगम नोज के पास स्थित क्रियायोग शिविर के उद्घाटन के बाद कही।