सुविधाओं के नाम पर टिन तक नहीं मिला
ओम नम: शिवाय संस्था के संचालक प्रभुजी मेला प्रशासन के इस रवैये से आहत हैं। इसी तरह समूहों में बसने वाली आध्यात्मिक संस्था आचार्यबाड़ा की 20 से अधिक संस्थाओं को इस बार भी जमीन तो दी गई है, लेकिन सुविधा के नाम पर टिन घेरा तक नहीं दिया गया।
इन संस्थाओं के संचालक अपने खर्चे से मेले में सत्संग और ध्यान की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। माघ मेला कार्यालय का हफ्ते भर से चक्कर काट रहे श्रीगायत्री गौशाला संस्थान झुंझनू राजस्थान के संचालक योगी अनिल नाथ महाराज सुविधा मांगते थक चुके हैं।
उन्होंने बताया कि हर वर्ष उन्हें मेले गेट, टिनघेरा, छोलदारी यज्ञ मंडप, तख्त, शौचालय, दरी और कुर्सियां मिलती थीं, लेकिन इस बार अभी तक कुछ भी नहीं मिला है। जबकि सेक्टर पांच में अन्नपूर्णा मार्ग उत्तरी-पूर्वी पटरी के इस शिविर में भागवत कथा, यज्ञ, भंडारा के आयोजन प्रस्तावित हैं। लेकिन, सुविधाएं न मिलने से अभी तक टेंट नहीं लग सका है।