क्रिया योग शिविर में योगी सत्यम ने दिया प्रेम-दया-करुणा का संदेश
सोमवार को त्रिवेणी रोड के गंगातट पर स्थित क्रियायोग शिविर में योग गुरु स्वामी योगी सत्यम ने प्रेम, अहिंसा, दया, करुणा के सूत्र में समाज को बांधने के लिए योग की विधि अपनाने का संदेश दिया। इस दौरान दुनिया के कई देशों के अनुयायियों को उन्होंने शिविर में क्रियायोग का अभ्यास कराया। दीप प्रज्जवलन के बादक्रियायोग पर उन्होंने विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि मानव का लक्ष्य यह अनुभव करना है कि जगत की सभी रचनाएं आपस में इस प्रकार जुड़ी हैं कि उनके बीच दूरी शून्य है। इसी स्थिति को योग कहते है। धर्म एवं धार्मिकता वह व्यवस्था है, जिसमें मानव योग की अवस्था प्राप्त करने में सफल हो जाता है। धर्ममय होते ही व्यक्ति का पूरा अस्तित्व अंहिसामय हो जाता है। इस मौके परअमेरिका, कनाडा, यूरोप, ब्राजील, पुर्तगाल, नेपाल, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड के साधकों ने भाग लिया।