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बिना स्नानार्थी रेलवे ने रोका शहरियों का रास्ता

Mon, 05 Jan 2015 11:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
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महाकुंभ के दौरान जंक्शन पर हुए हादसे से सहमे रेलवे अफसरों ने सोमवार को शहरियों और सामान्य रेलयात्रियों को खूब परेशान किया। मेले से स्नानार्थियों की भीड़ लौटने का इंतजाम कर रेलवे ने नवाब यूसुफ रोड से शहरियों के लिए नाकेबंदी कर दी। जंक्शन पर स्नानार्थियों की भीड़ तो दिखी नहीं। अलबत्ता शहरियों को शहर उत्तरी के लोगों को ट्रेन पकड़ने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ा।
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जबकि, सिटी साइड सरकुलेटिंग एरिया में न वाहन थे और न ही यात्री।रेलवे प्रशासन ने माघ मेला की तैयारियों के लिए पौष पूर्णिमा स्नान के लिए भी जंक्शन के सिविल लाइंस साइड के सभी रास्तों को रोक दिया। यह मेला पूरी तरह से स्थानीय माना जाता है। इसमें बाहर से आने वाले स्नानार्थियों की संख्या नहीं होती। इसकी जानकारी होने के बाद भी रेलवे प्रशासन ने यात्री सुविधा और सुरक्षा के नाम पर शहरियों को परेशानी में डाल दिया। सिविल लाइंस साइड सरकुलेटिंग एरिया से जंक्शन परिसर में प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया।

 निकासी के लिए चौथा मार्ग से रास्ता दिया। इस घेराबंदी के कारण संगम एक्सप्रेस, प्रयागराज एक्सप्रेस, नौचंदी एक्सप्रेस के छूटने के दौरान लीडर रोड पर जाम लग गया। इससे लोगों को परेशान होना पड़ा। साथ ही दो किमी का अतिरिक्त चक्कर भी काटना पड़ा। सिटी साइड से प्लेटफार्म सात-आठ, नौ-10 पर ट्रेनों को पकड़ने के लिए भारी सामान लेकर एक किमी से ज्यादा पैदल चलना पड़ा। उधर, रेलवे अफसरों का दावा है कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए रास्तों को बंद किया गया है।
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भीड़ का अनुमान करते हुए रोडवेज ने माघ मेले के पहले स्नान पर्व पर एक भी अतिरिक्त बसें नहीं चलाई। दोपहर में स्थिति ऐसी थी कि लखनऊ, फैजाबाद, कानपुर, बहराइच, बस्ती और वाराणसी रूट की कई बसों को यात्रियों के इंतजार में आधे-आधे घंटे ज्यादा रोकना पड़ा। क्षेत्रीय प्रबंधक सुमन कुमार के मुताबिक जौनपुर और गोरखपुर रूट की बसों पर ही कुछ स्नानार्थी मिले। इस कारण अतिरिक्त बसों को नहीं चलाया गया। सिटी बसों के रूट में भी कोई परिवर्तन नहीं किया गया। यह रोजाना जैसी ही चलीं।
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