इलाहाबाद हाईकोर्ट ने करेली थाने में दो साल पहले पांच करोड़ रुपये की रंगदारी वसूलने और भूमि पर कब्जा करने के मामले में प्रयागराज के माफिया डॉन अतीक अहमद के गैंग के सदस्य फहद उर्फ वसिउर्रहमान को रिहा करने से इन्कार कर दिया है।
कोर्ट ने कहा है कि तथ्यों और परिस्थितियों को देखकर ऐसा लगता है कि याची आदतन अपराधी है और माफिया गैंग का सक्रिय सदस्य है। उसके खिलाफ नौ आपराधिक मामले हैं। वह अन्य अभियुक्तों के साथ नामित है। इस लिहाज से उसे जमानत देने का आधार नहीं बन रहा है।
अत: याची की जमानत अर्जी को खारिज किया जाता है। यह आदेश न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल ने फहद उर्फ वसिउर्रहमान की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया है।
याची करेली थाने में वर्ष 2021 में दर्ज आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 323, 504, 506, 307, 308, 386, 427 के तहत दर्ज प्राथमिकी में आरोपी है। अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने तर्क दिया कि प्राथमिकी सही सूचना के आधार पर दर्ज कराई गई है। याची प्रयागराज के माफिया डान, खूंखार अपराधी और बाहुबली अतीक अहमद के गैंग का सक्रिय सदस्य है।