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Umesh Pal Murder Case: अतीक के सरकारी गनर रहे एहतेशाम के भी हत्या में शामिल होने का शक, घोषित हो सकता है इनाम

Wed, 15 Mar 2023 09:47 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

अतीक का सरकारी सुरक्षा कर्मी रहा एहतेशाम माफिया के जेल जाने के बाद से गायब है। एहतेशाम ने पुलिस लाइन में भी अपनी आमद नहीं दर्ज कराई। पुलिस सूत्रों की मानें तो उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया।
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अतीक अहमद (फाइल फोटो)
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विस्तार
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माफिया अतीक के सरकारी सुरक्षा कर्मी रहे एहतेशाम की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पुलिस का मानना है कि उमेश पाल हत्याकांड में उसका भी हाथ हो सकता है। ऐसे में जल्द ही एहतेशाम की गिरफ्तारी के लिए इनाम की घोषणा हो सकती है। माना जा रहा है कि एहतेशाम भी अतीक के शूटर के तौर पर काम करता था। 
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अतीक के जेल जाने के बाद से वह गायब है। वर्ष 2004 में फूलपुर से सांसद चुने गए माफिया अतीक अहमद को सरकारी सुरक्षा मुहैया कराई गई थी। उनका एक सरकारी गनर सराय अकिल कोतवाली के पुरखास गांव का रहने वाला एहतेशाम भी था। 

25 जनवरी 2005 को राजू पाल हत्याकांड के बाद जब अतीक अहमद को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा तो एहतेशाम लापता हो गया। एहतेशाम ने पुलिस लाइन में भी अपनी आमद नहीं दर्ज कराई। पुलिस सूत्रों की मानें तो उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। 
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24 फरवरी को राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल व दो सरकारी गनर की हत्या के बाद एक बार फिर एहतेशाम का नाम सुर्खियों में आया। पुलिस उसकी कुंडली खंगाल रही है। जल्द ही उस पर भी इनाम घोषित हो सकता है। हालांकि, पुलिस अफसर अभी इस बाबत कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि एहतेशाम को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। इसके बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

करीबियों के जरिए गैरकानूनी धंधे संचालित करता है उस्मान छर्रा
मंझनपुर (कौशाम्बी)। उमेश पाल हत्याकांड के बाद पुलिस और एसटीएफ को प्रयागराज के बम्हरौली निवासी उस्मान छर्रा के बाबत अहम जानकारी मिली है। उमेश पाल हत्याकांड के बाद से वह फरार है। पुलिस ने उसकी कुंडली खंगाली तो मालूम चला कि वह अतीक गैंग के लिए काम करता था। 



 

चर्चा रही कि उस्मान छर्रा का कौशाम्बी के कोखराज, करारी, महेवाघाट कोतवाली इलाके के कई गांव में अच्छा खासा संपर्क था। वह यहां अपने करीबियों के जरिए माफिया के गैरकानूनी धंधे संचालित करता था। अवैध सम्पत्ति व रंगदारी वसूलने की भी चर्चा रही। एसटीएफ की निगाह उस्मान छर्रा की गिरफ्तारी पर है। 

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एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि उस्मान की गिरफ्तारी के बाद कई अहम राज भी सामने आ सकते हैं। वहीं, चर्चा है कि माफिया अतीक के शूटर अब्दुल कवि से भी उस्मान छर्रा के करीबी सम्बंध हैं। वह मंझनपुर इलाके में ही मौजूद रहकर गतिविधियों पर नजर रख रहा है। मंगलवार को वह सफेद रंग की अपाचे बाइक पर काले रंग का हेलमेट लगाए दिखा था।

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