असलहे निकालकर तीनों अफजल व उसके भतीजे को मारने लगे। कहा कि जेल से अली और असाद ने संदेश भिजवाया है। जमीन हमे दे दो जिस पर प्लॉटिंग कराया जाएगा। अगर नहीं देना है तो 30 लाख नकद रंगदारी तुरंत दो। अली को जेल में रुपये भिजवाना है। नहीं दोगे तो जान से मार दिया जाएगा।
अफजल और उसका भतीजा जान बख्शने के लिए गिड़गिड़ाने लगे। इसी बीच अल्तमस ने एक सादे पेपर पर अफजल के दस्तखत करा लिए। जाते-जाते कहा कि जमीन दो नहीं तो रंगदारी देनी पड़ेगी। तुम्हारे दस्तखत से जमीन अली के नाम करा ली जाएगी। इसके बाद एक हफ्ते का समय देकर वे चले गए।
अफजल ने दस अगस्त को करेली थाने में तहरीर दी। जांच के बाद 11 अगस्त को अतीक के बेटे अली, फैजान, अल्तमस, असाद व एक अज्ञात के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इंस्पेक्टर करेली रामाश्रय यादव ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पूर्व विधायक आसिफ जाफरी के भाई ने भी दर्ज कराई अली समेत तीन के खिलाफ रिपोर्ट
बसपा के पूर्व विधायक आसिफ के भाई वाशिक जाफरी ने भी अतीक के बेटे अली, गुर्गे असाद और इमरान के खिलाफ रंगदारी मांगने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। जीटीबी नगर करेली के वाशिक की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के मुताबिक उन्होंने और उनके परिवार के कुछ लोगों ने मिलकर 60 फिट रोड पर जमीन खरीदी थी। जमीन पर जब भी मिस्त्री मजदूर काम करने जाते तो असाद और अतीक का बेटा अली दस लाख की रंगदारी मांगते थे।
उन्होंने धमकाया था कि दस लाख नहीं दिए, इस जमीन पर कभी निर्माण नहीं करा पाओगे। अली और असाद के जेल जाने के बाद जब उन्होंने जमीन पर काम लगवाया तो उन्होंने अपने रिश्तेदार इमरान को भेजकर दस लाख की रंगदारी मांगी। उसने भी धमकाया कि दस लाख नहीं दिए तो जान से मार दिया जाएगा।