प्रयागराज। धूमनगंज के पीपलगांव में भूमाफिया अशरफ ने बजहा गांव के रहने वाले राम प्रकाश की करोड़ों की जमीन हड़प ली। राम प्रकाश अनुसूचित जाति के हैं, इसलिए अशरफ ने उसी बिरादरी के अपने एक कारिंदे के नाम फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से जमीन ट्रांसफर करवा दी। मामले का खुलासा होने के बाद धूमनगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। वादी ने मुख्यमंत्री और डीजीपी समेत तमाम अधिकारियों को पत्र लिखकर भूमाफिया के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है।
बजहा गांव के रामसूरत इंडियन आयल में काम करते थे। इसी दौरान उन्होंने पीपल गांव के पास जमीन खरीदी थी। उसकी कीमत अब करोड़ों में हो गई है। 2015 में राम सूरत की मौत हो गई। इसके बाद उनके बेटे राम प्रकाश तथा अन्य भाइयों के नाम संपत्ति ट्रांसफर की गई। इसी दौरान राम प्रकाश को पता चला कि उनकी करोड़ों की जमीन किसी सूरजपाल के नाम बैनामा कर दी गई है। उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। मुख्यमंत्री और डीजीपी से शिकायत की गई कि भूमाफिया अशरफ ने फर्जी दस्तावेज और राम सूरत के फर्जी हस्ताक्षर से अपने कारिंदे सूरजपाल के नाम बैनामा कराया है। शिकायत की जांच के बाद धूमनगंज थाने में सूरजपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। वादी राम सूरत ने 16 अगस्त को मुख्यमंत्री और डीजीपी समेत प्रदेश के आला अफसरों को इस मामले में पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।
गैंगस्टर एक्ट में वांटेड है अशरफ
प्रयागराज। हरवारा का भूमाफिया अशरफ गैंगस्टर एक्ट में वांछित चल रहा है। जमीन हड़पने के एक के बाद एक कई मुकदमे दर्ज होने के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी लेकिन उस मामले में भी वह अभी तक गिरफ्तार नहीं हुआ है।