अस्पतालों, स्कूलों और संयुक्त राष्ट्र संघ के आश्रयों पर भी बमबारी की जा रही है। फलस्तीन में किसी भी प्रकार के राहत कार्य की अनुमति नहीं दी जा रही है। पानी, ईंधन, भोजन और दवाओं की गंभीर कमी हो गई है। हैजा, चिकनपाॅक्स आदि विभिन्न प्रकार की संक्रामक बीमारियां तेज़ी से फैल रही है। कहा कि द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद फलस्तीन की भूमि पर एकतरफा तरीके से इजराइल को बना कर साम्राज्यवादी ताकतों ने पश्चिम एशिया में लगातार तनाव बनाए रखने का प्रयास किया है।
सभा का संचालन सीटू जिलाध्यक्ष विकास स्वरूप तथा अध्यक्षता सीटू प्रदेश अध्यक्ष रवि मिश्रा ने की। सभा को एक्टू के डाॅ. कमल उसरी, एटक के आनन्द मालवीय, नागरिक समाज के विनोद तिवारी, सीटू के अविनाश मिश्र, विमल चैधरी, मोहन सिंह, आमिर उस्मानी, राशिद,किसान सभा के भूपेन्द्र पांडेय, समीर गांगुली, एसएफआई के आशीष, रिया, अक्षत, खेत मज़दूर यूनियन के भीम सिंह, जंगी, महादेव, अजीज, रिज़वान, फूलचन्द्र प्रेमी, अखिल विकल्प आदि मौजूद रहे।