भाजपा की ओर से जिन मुस्लिम महिला कार्यकर्ताओं को एजेंट बनाया जाना है या फिर पोलिंग सेंटर के बाहर बस्ते पर बिठाकर फर्जी मतदाताओं की निगरानी कराई जानी है, उनकी ट्रेनिंग शुरू कर दी गई है। इसके लिए उन मुस्लिम महिला कार्यकर्ताओं का चयन किया गया है, जो न सिर्फ तेज-तर्रार हैं, बल्कि वोटिंग के दौरान होने वाली गड़बड़ियों, खामियों से बखूबी वाकिफ भी हैं।
लोकसभा चुनाव में मुस्लिम इलाकों में होने वाली फर्जी वोटिंग को रोकने के लिए भाजपा ने इस बार खास रणनीति तय की है। पार्टी ने नकाब की आड़ में होने वाली फर्जी वोटिंग को रोकने के लिए मुस्लिम बहुल बूथों पर मुस्लिम समुदाय की ही नकाबपोश महिला कार्यकर्ताओं को एजेंट बनाने की तैयारी की है। पार्टी ने यह जिम्मेदारी अल्पसंख्यक मोर्चा को सौंपी है।
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भाजपा की ओर से जिन मुस्लिम महिला कार्यकर्ताओं को एजेंट बनाया जाना है या फिर पोलिंग सेंटर के बाहर बस्ते पर बिठाकर फर्जी मतदाताओं की निगरानी कराई जानी है, उनकी ट्रेनिंग शुरू कर दी गई है। इसके लिए उन मुस्लिम महिला कार्यकर्ताओं का चयन किया गया है, जो न सिर्फ तेज-तर्रार हैं, बल्कि वोटिंग के दौरान होने वाली गड़बड़ियों, खामियों से बखूबी वाकिफ भी हैं।
दरअसल बीते कई चुनाव में भाजपा की ओर से मुस्लिम बहुल बूथों पर फर्जी वोटिंग की शिकायत की गई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि मुस्लिम समुदाय की महिलाएं नकाब में होती हैं। उनका चेहरा ढका रहता है, ऐसे में मतदान से जुड़े कर्मचारियों से लेकर पोलिंग एजेंट तक बोगस वोटिंग पर चाहकर भी कुछ खास नहीं कर पाते।
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भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व महानगर अध्यक्ष राहिल हसन ने बताया कि कोशिश है कि अबकी मुस्लिम बहुल बूथों पर मुस्लिम महिलाओं को ही एजेंट बनाया जाए ताकि बूथ से लेकर पोलिंग सेंटर के बाहर तक नकाबपोश महिला कार्यकर्ता निगरानी कर सकें।
एजेंट बनकर उन्हें कैसे काम करना और किस तरह से मॉनिटरिंग करनी है, इसके लिए करेली में दस-दस महिलाओं के ग्रुप को ही ट्रेनिंग दी जा रही है। उन्हें तमाम बारीकियां बताई जा रही हैं। अगर कोई गलत करने की कोशिश करता है तो पोलिंग अफसर के जरिये उसे रोकना है, पुलिस की मदद लिए जाने के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।