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लोकसभा चुनाव : नजदीकी मुकाबले में बेहद अहम साबित होंगे छोटे दल, 2019 में इतने मिले थे वोट

Fri, 10 May 2024 05:54 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

फूलपुर के जातीय समीकरण को देखें तो पटेल मतदाताओं की संख्या करीब तीन लाख है। यादव भी दो लाख हैं। मुस्लिम मतदाताओं की संख्या करीब ढाई लाख है तो अनुसूचित जाति के वोटर भी करीब ढाई लाख हैं। वहीं ब्राह्मण एवं कायस्थ मतदाताओं की संख्या भी दो-दो लाख के करीब है।
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लोकसभा चुनाव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पिछले लोकसभा चुनाव के मुकाबले इस बार किसी दल की तरफ एकतरफा रुझान नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि फूलपुर लोकसभा सीट पर इस बार मुकाबला नजदीकी हो सकता है। ऐसे में छोटे दलों का प्रदर्शन भाजपा और गठबंधन प्रत्याशी के लिए अहम साबित होगा।

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बृहस्पतिवार को प्रत्याशियों के नाम और चुनाव चिह्न तय हो गए। फूलपुर से कुल 15 प्रत्याशी मैदान में हैं। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने से पहले तक भाजपा के प्रवीण पटेल और गठबंधन के प्रत्याशी अमर नाथ मौर्य के बीच कांटे की लड़ाई की बात कही जा रही थी। लेकिन, बसपा ने अपने पुराने कार्यकर्ता जगन्नाथ पाल को मैदान में उतार दिया।

बताया जाता है कि बसपा के कैडर वोटों में उनकी अच्छी पकड़ है। साथ ही इस बार पल्लवी पटेल की पार्टी अपना दल कमेरावादी भी मैदान में उतर चुकी है। कमेरावादी पार्टी का ओवैसी की पार्टी से गठबंधन हुआ है। ऐसे में कहा जा रहा है कि यह पार्टी भाजपा और सपा दोनों को नुकसान पहुंचा सकती है।

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फूलपुर के जातीय समीकरण को देखें तो पटेल मतदाताओं की संख्या करीब तीन लाख है। यादव भी दो लाख हैं। मुस्लिम मतदाताओं की संख्या करीब ढाई लाख है तो अनुसूचित जाति के वोटर भी करीब ढाई लाख हैं। वहीं ब्राह्मण एवं कायस्थ मतदाताओं की संख्या भी दो-दो लाख के करीब है।

जातीय आंकड़ों को देखते हुए तीनों दलों की कोशिश अपने कैडर मतों के साथ पिछड़ी जाति के वोटरों के बिखराव को रोकने की है। ऐसे में मुकाबला नजदीकी होने की बात कही जा रही है। 2019 के लोकसभा चुनाव में 20 हजार से अधिक वोट पाने वाले पंजीकृत दलों तथा निर्दलीय प्रत्याशियों ने दम दिखाया तो बड़े दलों का खेल बिगड़ सकता है। खास यह कि छोटे दलों के छह प्रत्याशियों को करीब दो हजार या इससे अधिक वोट मिले थे।

अपना दल कमेरावादी पर खास नजर

अपना दल कमेरावादी और एआईएमआईएम की प्रत्याशी महिमा पटेल जोरों से प्रचार में जुटी हैं। अपना दल कमेरावादी की राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा पटेल डॉ. सोनेलाल पटेल की पत्नी हैं। कुर्मी मतदाताओं के बीच इनकी अच्छी दखल मानी जाती है। एआईएमआईएम के सहारे मुस्लिम मतों पर भी पार्टी की नजर है। अगले कुछ दिनों के भीतर ओवैसी भी यहां प्रचार करने आएंगे। अब यह देखना दिलचस्प रहेगा कि अपना दल कमेरावादी मुस्लिमों का कितना वोट हासिल कर पाती है। मुस्लिम वोट बंटते हैं तो इसका नुकसान सीधे तौर पर सपा को होगा वहीं, पटेल वोट बंटते हैं तो भाजपा को।

2019 में दम दिखाने वाले दो पंजीकृत दल एवं नीरज इस बार भी मैदान में

2019 के लोकसभा चुनाव में फूलपुर से कुल 14 प्रत्याशी मैदान में थे। भाजपा, सपा और कांग्रेस के अलावा दो निर्दलीय मैदान में थे। इनके अलावा नौ प्रत्याशियाें ने पंजीकृत दलों से चुनाव लड़ा था। निर्दलीय डॉ.नीरज को 2972 वोट मिले थे और वह इस बार भी मैदान में हैं। इनके अलावा 2019 में चुनाव लड़ने वाले युवा विकास पार्टी के संजीव कुमार भी इस बार मैदान में हैं। युवा विकास पार्टी को 2019 में 2858 वोट मिले थे। इसके अलावा 2019 में 2158 वोट पाने प्रगतिशील समाज पार्टी ने इस चुनाव में भी प्रत्याशी उतारा है। अन्य नौ नए दल इस बार मैदान में हैं। इनके अलावा नोटा भी खेल बिगाड़ सकता है। 2019 के चुनाव में 7882 लोगों ने नोट का बटन दबाया था।
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2019 के लोकसभा चुनाव में छोटे दलों एवं निर्दलियों को मिले वोट

अतुल कुमार द्विवेदी लोक गठबंधन पार्टी 1406


कमला प्रसाद             अंबेडकर युग पार्टी 921
दक्खिनी प्रसाद             राष्ट्रीय गरीब दल 975
प्रिया सिंह पौल प्रगतिशील समाज पार्टी (लोहिया) 1607
रामनाथ प्रियदर्शी सुमन राष्ट्रीय जनमत पार्टी 2058
रामलखन चौरसिया मौलिक अधिकार पार्टी 1966
श्रीचंद्र केसरवानी बलीराज पार्टी            1262
सुनील कुमार मौर्या प्रगतिशील समाज पार्टी 2189
संजीव कुमार             युवा विकास पार्टी 2858
ऋषभ कुमार             निर्दलीय            1945
नीरज             निर्दलीय            1972

नोटा                         --             7882
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