फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लोकसभा चुनाव : इलाहाबाद और फूलपुर में दलों में छिड़ी किला बचाने की लड़ाई, टिकट पर निगाहें

Sun, 17 Mar 2024 12:29 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

भाजपा के कई दावेदारों ने दिल्ली में डेरा डाल दिया है। लोकसभा चुनाव की तारीखों का एलान होने के बाद भाजपा के सिविल लाइंस कार्यालय में बैठकों का दौर तेज हो गया। नेहरू की कर्मभूमि रही फूलपुर लोकसभा सीट पर इस बार भाजपा किसे लड़ाएगी, अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।
विज्ञापन
लोकसभा चुनाव - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लोकसभा चुनाव का शंखनाद होते ही सियासी दल जिताऊ उम्मीदवार तय करने और किला बचाने के लिए कील-कांटे दुरुस्त करने में जुट गए हैं। किसी भी दल की ओर से अभी हॉट सीट फूलपुर और इलाहाबाद संसदीय सीट पर उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं। सपा-कांग्रेस गठबंधन को जहां भाजपा के पत्ते खुलने का इंतजार है, वहीं अभी सत्ताधारी राजग में भी सस्पेंस बना हुआ है।

विज्ञापन


भाजपा के कई दावेदारों ने दिल्ली में डेरा डाल दिया है। लोकसभा चुनाव की तारीखों का एलान होने के बाद भाजपा के सिविल लाइंस कार्यालय में बैठकों का दौर तेज हो गया। नेहरू की कर्मभूमि रही फूलपुर लोकसभा सीट पर इस बार भाजपा किसे लड़ाएगी, अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। दो दिन पहले यहां आए केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद जिला पंचायत सभागार में कोर कमेटी की बैठक के दौरान फूलपुर और इलाहाबाद सीट के दोनों सांसदों को आगे बढ़ने के लिए और जोर लगाने का संदेश दे गए हैं।

रविशंकर प्रसाद की इस बात के मायने निकाले जा रहे हैं। ऐसे में कहा जा रहा है कि फूलपुर और इलाहाबाद से उम्मीदवार किसे बनाया जाएगा, अभी तय नहीं है। फूलपुर सीट को होल्ड किए जाने की भी चर्चा है। कहा जा रहा है कि अपना दल एस की ओर से इस सीट पर दावेदारी के लिए ताकत झोंक दी गई है। ऐसे में अभी निर्णय नहीं लिया जा सका है।

विज्ञापन
विज्ञापन

हालांकि, अभी इस सीट पर सांसद केशरीदेवी पटेल के अलावा फूलपुर के विधायक प्रवीण पटेल, दीपक पटेल, विक्रम पटेल के नाम भी दावेदारों में लिया जा रहा है। इसी तरह इलाहाबाद सीट पर सांसद रीता बहुगुणा जोशी के अलावा अभिलाषा गुप्ता नंदी, हरिकृष्ण शुक्ला, नीलम करवरिया, महापौर गणेश केसरवानी, एलएस ओझा, संगम लाल मिश्रा के नाम रेस में शामिल हैं।

इस बीच कई नेताओं के दिल्ली में डेरा डालने की भी खबर है। उधर, सपा-कांग्रेस गठबंधन की भी नजरेें भाजपा की रणनीति पर टिकी हैं। कांग्रेस भी भाजपा के मुकाबले इलाहाबाद सीट पर कद्दावर नेता को उतारने की तैयारी में है। ऐसे में दूसरे दलों के भी नेताओं को तरजीह दी जा सकती है। सपा ने भी फूलपुर से अभी पत्ते नहीं खोले हैं। इसी तरह बसपा ने भी अभी तक इन दोनों सीटों से अपने उम्मीदवारों के नाम का एलान नहीं किया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें